क्या बिहार महागठबंधन में 'मुख्यमंत्री' और 'उपमुख्यमंत्री' चेहरे को लेकर तकरार बढ़ रही है?
सारांश
मुख्य बातें
पटना, 8 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी के बीच सभी राजनीतिक दलों में ‘योद्धाओं’ की खोज जारी है। इस संबंध में लगातार बैठकें हो रही हैं।
इसी बीच, महागठबंधन में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर एक अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई है। यहां इन पदों को लेकर दल अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं, लेकिन किसी सहयोगी का समर्थन प्राप्त नहीं हो रहा है। राजद अपने नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जबकि विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक मुकेश सहनी भी अपने आप को उपमुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर प्रस्तुत कर रहे हैं।
यह ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। हाल ही में जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी से इस विषय पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने टाल दिया। माना जा रहा है कि कांग्रेस चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं करना चाहती, जबकि राजद इस मुद्दे पर खुलकर आगे बढ़ रहा है।
कांग्रेस पिछले चुनाव की तुलना में राजद से अलग नजर आ रही है। बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारु ने इस बार कांग्रेस की रणनीतियों में बदलाव किया है। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि तेजस्वी यादव के सीएम फेस पर मुहर न लगाकर कांग्रेस दबाव की रणनीति अपना रही है। कांग्रेस इस बार उन सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहां वह मजबूत है।
कहा जा रहा है कि कांग्रेस अपने सवर्ण मतदाताओं को लेकर भी सतर्क है कि कहीं तेजस्वी यादव के नाम की घोषणा से वे बिदक न जाएं। कृष्णा अल्लावारु का कहना है, "हमारे लिए बिहार का भविष्य महत्वपूर्ण है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बिहार में चौतरफा विकास हो। किसी के भी हितों के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। हम उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जो हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं।"
वीआईपी तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री पद पर अपनी सहमति प्रकट कर रही है। मुकेश सहनी का दावा है कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनेगी और तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे, जबकि अति पिछड़े मल्लाह का बेटा उपमुख्यमंत्री होगा।