क्या इरफान अंसारी ने नीतीश-बीजेपी पर निशाना साधा? पप्पू यादव की भूमिका क्या है?

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क्या इरफान अंसारी ने नीतीश-बीजेपी पर निशाना साधा? पप्पू यादव की भूमिका क्या है?

सारांश

कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने बिहार में चल रहे वोटर लिस्ट विवाद पर नीतीश कुमार और बीजेपी को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि 35 लाख मतदाताओं के नाम कटने की आशंका है, और इसे नीतीश सरकार का आत्मघाती कदम बताया। क्या यह बिहार की संस्कृति के खिलाफ एक साजिश है?

मुख्य बातें

बिहार में 35 लाख मतदाताओं के नाम कटने की आशंका।
नीतीश कुमार और बीजेपी पर इरफान अंसारी का तीखा हमला।
पप्पू यादव की भूमिका महागठबंधन में महत्वपूर्ण।

नई दिल्ली, 15 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के नेता और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बिहार में चल रहे वोटर लिस्ट पुनरीक्षण अभियान और विदेशी नागरिकों के नाम हटाने के प्रयास पर नीतीश कुमार और बीजेपी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि बिहार में 35 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम कटने की संभावना है, जिसे उन्होंने नीतीश सरकार की बौखलाहट और आत्मघाती कदम बताया।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में इसे बिहार और झारखंड की संस्कृति और भाईचारे के खिलाफ एक साजिश करार दिया और कहा, "जब से नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया है, उनका दिमाग गड़बड़ा गया है। बिहार की संस्कृति और भाईचारा उसकी पहचान है, लेकिन इसे तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वोटर लिस्ट से नाम काटना नीतीश के लिए आत्मघाती साबित होगा। बीजेपी और नीतीश की एनडीए सरकार बिहार में नहीं बनेगी। यह बौखलाहट का परिणाम है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि अगर एक भी गरीब का नाम वोटर लिस्ट से काटा गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।"

इरफान अंसारी ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए और कहा, "चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि बिहार में कौन से विदेशी लोग हैं? क्या ये बांग्लादेशी, चीनी या पाकिस्तानी हैं? बेवजह लोगों को बदनाम किया जा रहा है। बिहार और झारखंड के लाखों लोग बीजेपी शासित राज्यों में मजदूरी करते हैं। क्या उनका नाम भी काटा जाएगा?"

कांग्रेस नेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह झारखंड और बंगाल में भी यही प्रक्रिया लागू करना चाहती है, लेकिन झारखंड में कांग्रेस की सरकार इसे नहीं होने देगी।

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "गरीब ही कांग्रेस और राहुल गांधी की ताकत हैं। हम एक भी गरीब का नाम नहीं कटने देंगे। राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाया है। बिहार में हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी गरीब मतदाता अपने अधिकार से वंचित न हो।"

जामताड़ा से विधायक इरफान अंसारी ने बीजेपी पर लोगों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और कहा कि झारखंड में बीजेपी का यह एजेंडा पहले ही जनता ने नकार दिया है। बिहार विधानसभा चुनाव के संदर्भ में अंसारी ने महागठबंधन की रणनीति पर भी चर्चा की।

साथ ही, उन्होंने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और कहा, "पप्पू यादव बिहार और झारखंड में एक मजबूत नेता हैं। उन्होंने कभी भेदभाव नहीं किया। उनके आने से महागठबंधन को यादव और अन्य समुदायों के वोट मिले हैं। यह एक यूनिवर्सल सत्य है। पप्पू यादव का अनुभव और जनाधार बिहार में सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमें सबको साथ लेकर चलना होगा।"

संपादकीय दृष्टिकोण

इरफान अंसारी का दावा है कि वोटर लिस्ट में कटौती बिहार की संस्कृति को प्रभावित कर सकती है। दूसरी ओर, सरकार अपने फैसले को सही ठहराने का प्रयास कर रही है। इस मामले में निष्पक्षता से विचार करना आवश्यक है, ताकि सही तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिया जा सके।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में वोटर लिस्ट विवाद क्या है?
बिहार में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण अभियान के तहत 35 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम कटने की आशंका जताई जा रही है, जिसे कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने गंभीर समस्या बताया है।
नीतीश कुमार और बीजेपी का इस विवाद में क्या कहना है?
नीतीश कुमार और बीजेपी इस मुद्दे पर अपनी कार्रवाई को सही ठहराने का प्रयास कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि प्रक्रिया पारदर्शी है।
पप्पू यादव की भूमिका इस विवाद में क्या है?
पप्पू यादव को एक मजबूत नेता माना जा रहा है, जो महागठबंधन को यादव और अन्य समुदायों के वोट दिलाने में मदद कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस