क्या छत्तीसगढ़ में माओवादियों की बड़ी साजिश नाकाम हुई?
सारांश
Key Takeaways
- बीजापुर में माओवादियों की बड़ी साजिश को नाकाम किया गया है।
- आईईडी और माओवादी डंप बरामद किए गए हैं।
- सुरक्षा बलों की नियमित सर्चिंग और डी-माइनिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।
- स्थानीय नागरिकों की जागरूकता महत्वपूर्ण है।
- सुरक्षा बलों का दबदबा क्षेत्र में मजबूत हो रहा है।
बीजापुर, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादियों के खिलाफ चलाए गए सघन अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। थाना भोपालपटनम् और थाना मद्देड़ क्षेत्र में अलग-अलग कार्रवाइयों के तहत सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में आईईडी और माओवादियों का डंप बरामद कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) चंद्रकांत गोवर्ना ने जानकारी दी कि थाना मद्देड़ क्षेत्र के सोमनपल्ली-बंदेपारा कच्चे मार्ग पर माओवादियों ने श्रृंखलाबद्ध तरीके से 10-10 किलोग्राम वजन के दो कमांड आईईडी सड़क पर लगाए थे। इस मार्ग का इस्तेमाल सुरक्षा बलों और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा किया जाता है। सर्चिंग के दौरान मद्देड़ थाना पुलिस और बीडीएस टीम ने सतर्कता बरतते हुए इन आईईडी की पहचान की और उन्हें सुरक्षित रूप से बरामद किया। इसके बाद बीडीएस बीजापुर की टीम ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए इन विस्फोटकों को नियंत्रित तरीके से नष्ट कर दिया।
इसी क्रम में थाना भोपालपटनम् क्षेत्र के कोण्डापड़गु के घने जंगलों में सर्चिंग और डी-माइनिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान में कैंप कांडलापर्ती-2 से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (केरिपु) 214 बटालियन और जिला बल की संयुक्त टीम शामिल रही। सघन तलाशी के दौरान माओवादियों द्वारा जमीन में दबाकर रखे गए 2-2 किलोग्राम के दो प्रेशर आईईडी बरामद किए गए, जिन्हें केरिपु 214 बटालियन की बीडीडी टीम ने मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को कोण्डापड़गु क्षेत्र में माओवादियों का एक डंप भी मिला। माओवादियों ने जमीन के भीतर गड्ढा खोदकर दो सफेद ड्रम छुपा रखे थे, जिनमें दैनिक उपयोग की रसद सामग्री रखी गई थी। आशंका जताई जा रही है कि इन ड्रमों का इस्तेमाल लंबे समय तक जंगल में छिपकर रहने वाले माओवादी दस्तों द्वारा किया जाना था।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार माओवादी सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने और इलाके में दहशत फैलाने के उद्देश्य से लगातार आईईडी लगाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सुरक्षा बलों की सतर्कता, मजबूत खुफिया तंत्र और लगातार चल रहे सर्च अभियानों के चलते उनकी साजिशें बार-बार विफल हो रही हैं।
पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि जिले में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित सर्चिंग, डी-माइनिंग और एरिया डॉमिनेशन अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या सुरक्षा बलों को दें।
इस सफल कार्रवाई से एक बार फिर यह साफ हो गया है कि बीजापुर जिले में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का दबदबा लगातार मजबूत हो रहा है और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बहाल करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।