क्या बसपा की रैली में लोगों की भीड़ से विरोधी पार्टियों की नींद उड़ गई? : मायावती

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क्या बसपा की रैली में लोगों की भीड़ से विरोधी पार्टियों की नींद उड़ गई? : मायावती

सारांश

बसपा की रैली में उमड़ी भीड़ ने विरोधियों को चौंका दिया है। मायावती ने कांशीराम की पुण्यतिथि पर आए लोगों का आभार व्यक्त करते हुए मिशन 2027 के लिए काम करने का आह्वान किया। क्या यह चुनावी माहौल में परिवर्तन लाएगा?

मुख्य बातें

बसपा की रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
मायावती ने मिशन 2027 पर जोर दिया।
रैली ने विरोधियों को चुनौती दी है।

लखनऊ, 10 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में पार्टी के संस्थापक कांशीराम की 19वीं पुण्यतिथि पर आए लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विरोधियों की बातों पर ध्यान न देते हुए मिशन 2027 के लिए तन-मन-धन से जुटने की सलाह दी है।

बसपा की मुखिया मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता एवं संस्थापक कांशीराम जी के 19वें परिनिर्वाण दिवस पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वीआईपी रोड पर बसपा द्वारा निर्मित 'मान्यवर कांशीराम स्मारक स्थल' में हुए महा आयोजन में हर उम्र के आए लोगों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ ने यूपी के अगले चुनाव में अपनी बहनजी की पांचवीं बार सरकार बनाने की दिशा में ठोस संकल्प व्यक्त किया है। इस स्थिति को देखकर विरोधी पार्टियों की नींद उड़ना स्वाभाविक है।"

उन्होंने आगे कहा कि इनकी बेतुकी बातें को अनसुना करना बेहतर होगा। 'बहुजन समाज' के लोग अपने वोटों के बलबूते पर शोषित से शासक वर्ग बनकर डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपने को पूरा करने के लिए तत्पर हैं, इसकी स्पष्ट झलक उन्होंने यूपी और पूरे देश को दिखाई है। अब उन्हें विरोधियों के साम, दाम, दंड, भेद आदि से सजग रहकर अपने मिशन 2027 में जुट जाना है। साथ ही, कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में हुए महा आयोजन में बसपा के लाखों कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए, जिनको सुरक्षित लाने और वापस ले जाने में पार्टी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बसपा मायावती ने कहा कि इस महा आयोजन में सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, अनुयायियों, तथा शुभचिन्तकों का तहेदिल से आभार। इसके अतिरिक्त, देश भर में उन सभी लोगों का भी धन्यवाद जिन्होंने कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की और बसपा के मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि मायावती की रैली ने राजनीतिक परिदृश्य में एक नई हलचल पैदा की है। बदलाव की इस बयार में, विरोधियों को सजग रहना होगा। आगामी चुनाव में यह रैली एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बसपा की रैली का महत्व क्या है?
यह रैली मायावती की पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है, जिसमें युवाओं और महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी रही।
कांशीराम की पुण्यतिथि पर क्या हुआ?
कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित इस महा आयोजन में लाखों लोगों ने भाग लिया और मायावती ने अपनी पार्टी के मिशन 2027 का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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