बेंगलुरु-मैसूर रेल मार्ग का केंद्रीय मंत्रियों ने किया निरीक्षण, मांड्या स्टेशन के आधुनिकीकरण का ऐलान
सारांश
Key Takeaways
- बेंगलुरु-मैसूर रेल मार्ग का निरीक्षण किया गया।
- मांड्या स्टेशन के आधुनिकीकरण की घोषणा की गई।
- यात्रा के दौरान सुरक्षा और कनेक्टिविटी पर जोर दिया गया।
- रेलवे स्टेशनों के विकास के लिए नई योजनाएं बनाई गई।
- स्थानीय परियोजनाओं पर तेजी लाने की आवश्यकता है।
बेंगलुरु, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी और रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने बृहस्पतिवार को बेंगलुरु-मैसूर रेल मार्ग पर चल रहे विकास कार्यों का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान मांड्या रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण और अपग्रेडेशन की घोषणा की गई।
निरीक्षण की शुरुआत केएसआर बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन से हुई, जहां से दोनों मंत्री विशेष ट्रेन के माध्यम से ‘विंडो ट्रेलिंग’ करते हुए मैसूर तक यात्रा की और मार्ग में चल रहे कार्यों की समीक्षा करते रहे।
इस अवसर पर दक्षिण पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों समेत कई जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मंत्रियों ने यात्रा के दौरान अंडरपास, ओवरब्रिज और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया, जिनका उद्देश्य सुरक्षा और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
यात्रा के दौरान कुमारस्वामी ने रेल राज्य मंत्री सोमन्ना और अधिकारियों के साथ मांड्या, रामनगर और मैसूर लोकसभा क्षेत्रों में लंबित परियोजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने इन कार्यों में तेजी लाने और बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने पर जोर दिया।
मीडिया से बातचीत करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि बेंगलुरु से मैसूर तक की यात्रा उनके लिए विशेष अनुभव रही। उन्होंने बताया कि दोनों मंत्री सुबह 10 बजे बेंगलुरु से रवाना हुए और दोपहर 3 बजे मैसूर पहुंचे।
उन्होंने यह भी कहा कि रेल परिवहन न केवल यात्री सुविधा के लिए बल्कि वाणिज्यिक दृष्टि से भी देश की रीढ़ है। बेंगलुरु और मैसूर के बीच पहले से मजबूत रेल कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने पर चर्चा की गई।
मंत्रियों ने रामनगर, मांड्या और मैसूर जिलों के रेलवे स्टेशनों के विकास, ट्रेन सेवाओं में बढ़ोतरी, प्रमुख ट्रेनों के ठहराव और रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
कुमारस्वामी ने बताया कि रामनगर में ‘वाडियार एक्सप्रेस’ के ठहराव को रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल गई है और जल्द ही इसकी शुरुआत होगी, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।
मांड्या जिले के मड्डूर रेलवे स्टेशन के बारे में उन्होंने कहा कि यह स्टेशन 100 साल से अधिक पुराना है और शहर से दूर स्थित है, इसलिए यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस नए स्टेशन की आवश्यकता है। इस पर सोमन्ना ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मंत्रियों ने मड्डूर, श्रीरंगपट्टन और पांडवपुरा स्टेशनों के उन्नयन पर भी चर्चा की। निडाघट्टा और हनाकेरे जैसे इलाकों में ग्रामीणों से मिलकर अंडरपास और ओवरब्रिज की आवश्यकता पर भी विचार किया गया।
ग्रामीणों ने रेलवे फाटकों के बार-बार बंद रहने से होने वाली समस्याएं बताईं, जिस पर मंत्रियों ने जल्द समाधान का भरोसा दिया।
कुमारस्वामी ने कहा कि मांड्या, जो बेंगलुरु और मैसूर के बीच स्थित है, कृषि, व्यापार और पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए यहां के रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर के रेलवे स्टेशनों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है और मांड्या स्टेशन को भी इसी तर्ज पर आधुनिक बनाया जाएगा।
रेल अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी मांगों और शिकायतों की समीक्षा कर एक-दो सप्ताह में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।