असम के चाय बागान श्रमिकों की पहली तीर्थ यात्रा: अयोध्या में श्रीराम के दर्शन
सारांश
Key Takeaways
- असम के चाय बागान श्रमिकों की पहली तीर्थ यात्रा अयोध्या में हो रही है।
- प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से यह यात्रा आयोजित की गई है।
- श्रमिकों के लिए विशेष दर्शन और कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
- यह यात्रा धार्मिक और सामाजिक अनुभव दोनों का अवसर है।
- मनोहारी टी एस्टेट प्रबंधन और अशोक सिंघल फाउंडेशन ने इस यात्रा को प्रायोजित किया है।
अयोध्या, ४ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम के चाय बागानों में लंबे समय से काम कर रहे श्रमिक अब अपनी सीमाओं से बाहर निकलने का साहस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से, ये कर्मयोगी पहली बार तीर्थ यात्रा पर निकल रहे हैं और रविवार की सुबह अयोध्या पहुँचेंगे, जहाँ उनके लिए खास दर्शन और कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
असम के चाय बागानों से बाहर निकलकर तीर्थ यात्रा पर जाने वाले श्रमिकों का यह पहला दल ५ अप्रैल को अयोध्या पहुँचने वाला है। यह पहल तब शुरू हुई जब हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने चाय बागानों में काम कर रहे कर्मयोगियों से मिलकर उनके लिए तीर्थ यात्रा की व्यवस्था का सुझाव दिया था।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मनोहारी टी एस्टेट प्रबंधन और अशोक सिंघल फाउंडेशन ने इस यात्रा का समर्थन किया है। वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने अयोध्या में दर्शन की व्यवस्था का कार्यभार संभाला है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, श्रमिकों का पहला दल मनकापुर रेलवे स्टेशन से बसों द्वारा कारसेवकपुरम जाएगा।
इसके बाद, श्रमिक पवित्र सरयू नदी में स्नान करेंगे और विभिन्न मंदिरों में दर्शन और पूजन करते हुए श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुँचेंगे। दोपहर २ बजे अंगद टीला पर श्रमिकों का सामाजिक सम्मिलन होगा, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि, संत और समाजसेवी मौजूद रहेंगे।
इस अवसर पर मीडिया को भी आमंत्रित किया गया है। यह तीर्थ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि ये कर्मयोगियों के लिए नई दुनिया से परिचय और सामाजिक अनुभव का एक अनोखा अवसर भी है।