क्या <b>चीन<b> के <b>फायदे<b> वैश्विक दवा कंपनियों को निवेश और सहयोग के लिए आकर्षित कर रहे हैं? : ब्रिटिश मीडिया
सारांश
Key Takeaways
- चीन दवा विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- वैश्विक दवा कंपनियों का निवेश बढ़ रहा है।
- चीन में लाइसेंसिंग समझौतों का कुल मूल्य 85 अरब अमेरिकी डॉलर।
- बायोटेक्नोलॉजी में चीन का बढ़ता प्रभाव।
- वैश्विक सहयोग और प्रतिस्पर्धा का महत्व।
बीजिंग, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में, फाइनेंशियल टाइम्स (यूके) ने एक लेख प्रकाशित किया, जिसमें कहा गया कि चीन अपनी तेज अनुसंधान एवं विकास की गति और लागत लाभ के चलते प्रारंभिक चरण की दवा विकास में धीरे-धीरे प्रमुख स्थान प्राप्त कर रहा है, जिससे वैश्विक दवा कंपनियों का निवेश और सहयोग आकर्षित हो रहा है।
इस लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि चीन में बायोटेक्नोलॉजी का विकास एक ऐसा ट्रेंड है जो अपरिवर्तनीय है और वैश्विक सहयोग तथा प्रतिस्पर्धा का संगम पूरी इंडस्ट्री को अधिक कुशल और नवाचार की दिशा में ले जाएगा।
लेख में बताया गया है कि पिछले कुछ वर्षों में, चीन दवा विकास का केंद्र बन चुका है, खासकर प्रारंभिक चरण की संभावित दवाओं के लिए। तेज अनुसंधान एवं विकास चीन की कंपनियों को पश्चिमी प्रतिस्पर्धियों से पहले अवधारणा का प्रमाण प्राप्त करने में मदद कर रहा है। दवा निर्माण के कई क्षेत्रों में चीन की उपलब्धियां वैश्विक स्तर पर अग्रणी हैं।
चीन की बढ़ती दवा विकास क्षमताओं को देखते हुए, वैश्विक दवा कंपनियां अब चीन में निवेश और सहयोग के अवसरों की खोज में सक्रिय हो रही हैं।
फाइनेंशियल टाइम्स के लेख में बताया गया है कि पिछले वर्ष, चीनी कंपनियों के साथ लाइसेंसिंग समझौतों की राशि 85 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गई, जिसमें 100 से अधिक लेनदेन शामिल हैं। इनमें से अधिकांश प्रारंभिक चरण की दवाएं हैं, जिनसे विदेशी कंपनियों को आगे के परीक्षण करने और इन दवाओं के विदेशों में व्यवसायीकरण का अधिकार प्राप्त होता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)