चीनी नौसेना का अस्पताल पोत 'ऑस्पीशियस आर्क' पहली बार गिनी के कोनाक्री बंदरगाह पहुंचा
सारांश
मुख्य बातें
चीनी नौसेना का अस्पताल पोत 'ऑस्पीशियस आर्क' 3 अक्टूबर 2026 की सुबह पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी के कोनाक्री बंदरगाह पर पहुंचा और लंगर डाला। यह किसी चीनी नौसेना अस्पताल पोत की गिनी में पहली आधिकारिक यात्रा है, जो 'हार्मोनियस मिशन-2026' के तहत संचालित हो रही है। इस सात दिवसीय मैत्रीपूर्ण यात्रा के दौरान पोत स्थानीय जनता को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा।
यात्रा का उद्देश्य और गतिविधियाँ
इस दौरे के अंतर्गत 'ऑस्पीशियस आर्क' की टीमें कई मोर्चों पर सक्रिय रहेंगी। पोत से मोबाइल क्लीनिक तैनात किए जाएंगे, जो दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाएंगे। इसके अलावा अकादमिक आदान-प्रदान के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो स्थानीय चिकित्सा पेशेवरों के साथ मिलकर काम करेंगी।
सांस्कृतिक स्तर पर, पोत के अधिकारी और सैनिक प्रतिनिधि कोनाक्री विश्वविद्यालय में स्थित कन्फ्यूशियस कॉलेज के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह गतिविधि चीन-गिनी के बीच लोगों से लोगों के स्तर पर संपर्क बढ़ाने की चीन की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
प्रवासी चीनी समुदाय की प्रतिक्रिया
गिनी में प्रवासी चीनियों के संयुक्त अखिल संघ के अध्यक्ष छेन रेनबिंग ने इस यात्रा पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा, 'गिनी में चीनी समुदाय की ओर से, मैं यहां आने वाले अस्पताल पोत के प्रति अपना आभार व्यक्त करना चाहता हूं। हम अत्यंत भावुक हैं। यह गिनी में चीनी समुदाय के स्वास्थ्य की रक्षा करता है और गिनी के लोगों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता है।' उन्होंने यह भी कहा कि इससे दोनों देशों के बीच मित्रता और भी मजबूत हुई है।
हार्मोनियस मिशन और चीन की अफ्रीका नीति
गौरतलब है कि चीन का 'हार्मोनियस मिशन' कार्यक्रम पिछले एक दशक से अधिक समय से अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के देशों में चिकित्सा कूटनीति के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराता रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब चीन अफ्रीकी देशों में अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और गहरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। गिनी पश्चिम अफ्रीका में बॉक्साइट का एक प्रमुख उत्पादक देश है, जिसके साथ चीन के खनन क्षेत्र में महत्वपूर्ण हित जुड़े हुए हैं।
आगे क्या
सात दिवसीय यात्रा के समापन के बाद 'ऑस्पीशियस आर्क' अपने अगले गंतव्य की ओर रवाना होगा। यह यात्रा चीन-गिनी द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ती है और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच चिकित्सा सहयोग के और विस्तार की संभावनाएं खोलती है।