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क्या मुस्लिम मतदाता बंधुआ वोट बैंक बनकर रहेंगे, तो उन्हें सम्मान और भागीदारी कैसे मिलेगी? : चिराग पासवान

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क्या मुस्लिम मतदाता बंधुआ वोट बैंक बनकर रहेंगे, तो उन्हें सम्मान और भागीदारी कैसे मिलेगी? : चिराग पासवान

सारांश

बिहार में महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री और मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री का चेहरा प्रस्तुत किया है। इस निर्णय ने एक नई बहस को जन्म दिया है कि मुस्लिम चेहरे को क्यों नहीं आगे लाया गया? चिराग पासवान ने महागठबंधन की इस रणनीति पर सवाल उठाते हुए मुस्लिम मतदाताओं के सम्मान और भागीदारी की बात की है।

मुख्य बातें

महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री और मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री का चेहरा बनाया।
चिराग पासवान ने मुस्लिम मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश दिया।
बिहार में मुस्लिम आबादी लगभग 17-18 प्रतिशत है।

पटना, २५ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री और मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया है। हालांकि, इसके साथ ही एक नई बहस भी उठी है कि राज्य में किसी मुस्लिम चेहरे को आगे क्यों नहीं किया गया? इसी बीच, केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने महागठबंधन पर सवाल उठाए हैं।

चिराग पासवान ने कहा कि महागठबंधन न तो मुस्लिम मुख्यमंत्री देने को तैयार है और न उपमुख्यमंत्री। उन्होंने मुस्लिम मतदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि अगर आप बंधुआ वोट बैंक बनकर रहेंगे, तो सम्मान और भागीदारी कैसे मिलेगी?

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "२००५ में मेरे नेता और पिता स्वर्गीय रामविलास पासवान ने 'मुस्लिम मुख्यमंत्री' बनाने के लिए अपनी पार्टी तक कुर्बान कर दी थी। तब भी आपने उनका साथ नहीं दिया। राजद २००५ में भी मुस्लिम मुख्यमंत्री के लिए तैयार नहीं था, आज २०२५ में भी न मुस्लिम मुख्यमंत्री देने को तैयार है, न उपमुख्यमंत्री। अगर आप बंधुआ वोट बैंक बनकर रहेंगे, तो सम्मान और भागीदारी कैसे मिलेगी?"

यह बहस उस समय शुरू हुई, जब मुकेश सहनी को महागठबंधन की तरफ से उपमुख्यमंत्री का चेहरा बनाया गया। मुकेश सहनी 'मल्लाह' वर्ग से आते हैं, जिनकी कुल आबादी बिहार में लगभग २.६ प्रतिशत मानी जाती है। वहीं, बिहार में मुस्लिम आबादी करीब १७-१८ प्रतिशत बताई जाती है।

हालांकि, पिछले दिन तेजस्वी यादव ने एक तस्वीर साझा करके मुस्लिम मतदाताओं को संदेश देने की कोशिश की। इस तस्वीर में तेजस्वी यादव के साथ हेलीकॉप्टर में मुकेश सहनी और राजद एमएलसी कारी सोहैब मौजूद थे।

इस पर एआईएमआईएम के नेता और उत्तर प्रदेश में पार्टी अध्यक्ष शौकत अली ने भी सवाल उठाए। उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "बिहार इलेक्शन तक के लिए अब्दुल को तेजस्वी ने बड़ा सम्मान दिया। उड़न खटोला में बैठाया, पर डिप्टी मुख्यमंत्री तो नहीं देंगे।"

शौकत अली ने इससे पहले भी मुस्लिम चेहरे को सामने नहीं करने पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "२ प्रतिशत वाला उपमुख्यमंत्री, १३ प्रतिशत वाला मुख्यमंत्री और १८ प्रतिशत वाला दरी बिछावन मंत्री।" उन्होंने आगे कहा कि अगर हम लोग कुछ बोलेंगे तो हमें भाजपा का भय दिखाया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बिहार में मुस्लिम मतदाताओं को अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से भाग लेना होगा। महागठबंधन की रणनीति और चिराग पासवान के प्रश्न इस बात को दर्शाते हैं कि राजनीतिक भागीदारी के बिना, समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाएगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महागठबंधन ने किसे मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का चेहरा बनाया है?
महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री और मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री का चेहरा बनाया है।
चिराग पासवान ने मुस्लिम मतदाताओं को क्या संदेश दिया?
चिराग पासवान ने कहा कि अगर मुस्लिम मतदाता बंधुआ वोट बैंक बनकर रहेंगे, तो उन्हें सम्मान और भागीदारी नहीं मिलेगी।
बिहार में मुस्लिम आबादी कितनी है?
बिहार में मुस्लिम आबादी लगभग 17-18 प्रतिशत है।
राष्ट्र प्रेस
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