चूरू सड़क हादसा: कार-ट्रक टक्कर में एक परिवार के 5 सदस्यों समेत 6 की मौत, 6 माह का बच्चा भी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के चूरू जिले में शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 की सुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के पाँच सदस्यों सहित कुल छह लोगों की मौत हो गई। यह हादसा सादुलपुर-तारानगर मार्ग पर ददरेवा गाँव के निकट हुआ, जहाँ एक कार और ट्रक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। मृतकों में एक छह माह का नवजात शिशु भी शामिल है, जिसने इस हादसे को और भी अधिक मर्मांतक बना दिया है।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, पीड़ित परिवार तारानगर तहसील के सोमसीसर गाँव का निवासी था और धार्मिक आस्था के चलते गोगामेड़ी में दर्शन के लिए जा रहा था। सुबह करीब 8:30 बजे उनकी कार ददरेवा गाँव के पास एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग मलबे में फँस गए।
परिवार के पाँच सदस्यों के अलावा कार चालक की भी इस हादसे में मौत हो गई। मृतकों में पुरुष, महिलाएँ और बच्चे सभी शामिल हैं। घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक व्यक्ति ने बाद में इलाज के दौरान अंतिम साँस ली।
घायल बच्ची और राहत कार्य
हादसे में सात माह की एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे प्राथमिक उपचार के लिए नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए चूरू रेफर किया गया। हादसे की सूचना मिलते ही सादुलपुर पुलिस की टीम उपनिरीक्षक सत्यप्रकाश जांगिड़ के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल पर पहुँची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
स्थानीय निवासियों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर क्षतिग्रस्त कार में फँसे लोगों को बाहर निकाला। सभी शवों को पोस्टमार्टम एवं पहचान की औपचारिकताओं के लिए सादुलपुर उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया गया है।
जाँच और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब राजस्थान में राजमार्गों पर ओवरस्पीडिंग और ट्रकों की लापरवाह ड्राइविंग के कारण दुर्घटनाओं की संख्या लगातार चिंताजनक बनी हुई है। गौरतलब है कि सादुलपुर-तारानगर मार्ग पर पहले भी हादसे हो चुके हैं।
राजनीतिक संवेदनाएँ और शोक
इस दर्दनाक हादसे पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। सोमसीसर गाँव में एक ही परिवार के पाँच लोगों की मौत से शोक की गहरी लहर है और पूरा क्षेत्र मातम में डूबा हुआ है।
यह घटना सड़क सुरक्षा के प्रति समाज और प्रशासन को एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है — विशेष रूप से उन मार्गों पर जहाँ धार्मिक यात्राओं के दौरान वाहनों की आवाजाही अत्यधिक होती है।