सीजेपी प्रदर्शन: 10 अक्टूबर को ट्रेनें रद्द, यात्री स्टेशनों पर फंसे; नाराजगी का माहौल
सारांश
मुख्य बातें
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 10 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनज़र रेलवे द्वारा बड़ी संख्या में ट्रेनें रद्द और पुनर्निर्धारित किए जाने से नई दिल्ली, जम्मू, कानपुर समेत कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 9 अक्टूबर को जानकारी मिली कि कल सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक दिल्ली आने-जाने वाली अनेक ट्रेनें रद्द रहेंगी, जिससे यात्री बेबस नज़र आए और उन्होंने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।
स्टेशनों पर अव्यवस्था का माहौल
जम्मू रेलवे स्टेशन पर इंतज़ार कर रहे एक यात्री ने कहा, 'देखिए यहां कितना ज़्यादा अव्यवस्था का माहौल बन गया है। लोगों को परेशानी हो रही है और सभी फंसे हुए हैं। जिन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचना है, वे यहां अटके हुए हैं।' नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की भीड़ और बेचैनी देखी गई।
कानपुर रेलवे स्टेशन पर एक यात्री ने बताया कि कानपुर से दिल्ली के लिए कोई ट्रेन उपलब्ध न होने के कारण उन्हें अपनी यात्रा को कई हिस्सों में बाँटना पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'पहले मैं 50-60 किलोमीटर बस से जाऊंगा और फिर वहां से उपलब्ध अगली ट्रेन पकड़ूंगा — यह बेहद असुविधाजनक स्थिति है।'
आम जनता पर असर
एक युवा यात्री ने बताया कि ट्रेन रद्द होने से छात्रों को कक्षाओं का समय बदलना पड़ रहा है और पहले से तय योजनाएं तथा कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आजकल ट्रेन टिकट बुक करना पहले ही बहुत मुश्किल हो गया है। तत्काल टिकट नहीं मिलते और सामान्य टिकट लेना भी कठिन हो गया है। ऐसे में जब कोई बड़ी मुश्किल से टिकट लेकर ट्रेन में सवार होता है और ट्रेन ही रद्द हो जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसी को लेनी चाहिए।'
एक यात्री ने बताया कि गुरुग्राम से नई दिल्ली आते समय सामान्य मार्ग पर भारी ट्रैफिक होने के कारण उन्हें गूगल मैप्स के सुझाव पर वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ा। सड़क यातायात के साथ-साथ मेट्रो सेवाएं भी प्रभावित होने की खबरें हैं।
सीजेपी पर राजनीतिक आरोप
एक महिला यात्री ने सीजेपी पर राजनीतिक आधार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'सीजेपी अपना राजनीतिक आधार बनाने की कोशिश कर रही है, ठीक वैसे ही जैसे आम आदमी पार्टी (AAP) ने शुरुआत में किया था। मेरा मानना है कि उन्हें बाहर से समर्थन मिल रहा है। कुछ ताकतें देश को अस्थिर और विभाजित करना चाहती हैं और इस प्रदर्शन की आड़ में अपने उद्देश्य पूरे करना चाहती हैं।' यह आरोप यात्री की निजी राय है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि बड़े राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान रेलवे का ट्रेनें रद्द करना या पुनर्निर्धारित करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार प्रभावित यात्रियों की संख्या और स्टेशनों की तादाद ने परेशानी की गंभीरता बढ़ा दी है। यह ऐसे समय में आया है जब ट्रेन टिकटों की उपलब्धता पहले से ही एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रदर्शन के बाद रेलवे की ओर से सामान्य सेवा बहाली की जानकारी का इंतज़ार यात्रियों को है।