3 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या जल्लिकट्टू के शीर्ष खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिलेगी? अलंगनल्लूर में बनेगा पशु चिकित्सा केंद्र: सीएम स्टालिन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या जल्लिकट्टू के शीर्ष खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिलेगी? अलंगनल्लूर में बनेगा पशु चिकित्सा केंद्र: सीएम स्टालिन

सारांश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने अलंगनल्लूर जल्लिकट्टू प्रतियोगिता में महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने और पशु चिकित्सा केंद्र की स्थापना का वादा किया गया है। यह खेल तमिल संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और इससे जुड़े लोगों को प्रोत्साहन देने का प्रयास है।

मुख्य बातें

खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता पशु चिकित्सा केंद्र की स्थापना जल्लीकट्टू का सांस्कृतिक महत्व मुख्यमंत्री की नई घोषणाएं

चेन्नई, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने विश्वप्रसिद्ध अलंगनल्लूर जल्लिकट्टू प्रतियोगिता के दौरान पारंपरिक खेल को और अधिक मजबूत करने तथा इससे जुड़े खिलाड़ियों को सहायता प्रदान करने के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन खिलाड़ियों ने सबसे अधिक सांडों को वश में किया है, उन्हें पशुपालन और उससे संबंधित विभागों में सरकारी नौकरी में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही, अलंगनल्लूर में 2 करोड़ रुपये की लागत से जल्लिकट्टू सांडों के लिए एक अत्याधुनिक पशु चिकित्सा उपचार और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा।

ये घोषणाएं मुख्यमंत्री स्टालिन द्वारा अलंगनल्लूर में आयोजित इस प्रतियोगिता के दौरान की गईं, जो पोंगल उत्सव का एक प्रमुख आकर्षण है।

मुख्यमंत्री ने चेन्नई से मदुरै पहुंचकर वहां मंत्री मूर्ति और जिला कलेक्टर प्रवीण कुमार द्वारा स्वागत किया। इसके बाद वे वडिवासल के पास विशेष रूप से तैयार मंच पर पहुंचे और प्रतियोगिता का अवलोकन किया।

जल्लिकट्टू सत्र की शुरुआत पोंगल के दिन, 15 जनवरी को अवनियापुरम में हुई थी। इसके बाद शुक्रवार को पलामेडु में एक और बड़ा मुकाबला आयोजित किया गया। दोनों स्थानों पर अनुभवी सांडों और कुशल खिलाड़ियों की जबरदस्त भागीदारी देखी गई। विजेता खिलाड़ियों और सांड मालिकों को कार और ट्रैक्टर जैसे कीमती पुरस्कार दिए गए, जिससे इस खेल का महत्व और भी बढ़ गया।

अलंगनल्लूर में मुख्यमंत्री स्टालिन ने विजेता सांड वशकर्ताओं और सांड मालिकों को स्वर्ण अंगूठियां भेंट कर सम्मानित किया।

सभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने पोंगल और नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और मदुरै को वीरों की धरती बताया। उन्होंने कहा कि विश्वभर में प्रसिद्ध अलंगनल्लूर जल्लिकट्टू तमिल लोगों के अदम्य साहस और गौरव का प्रतीक है।

द्रविड़ मॉडल शासन का उल्लेख करते हुए, स्टालिन ने कलैगनार शताब्दी पुस्तकालय और कलैगनार शताब्दी क्लाइम्बिंग स्टेडियम जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया, जो ज्ञान के प्रसार और तमिल विरासत के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि इन पहलों के साथ-साथ जल्लिकट्टू जैसे पारंपरिक खेलों की रक्षा और प्रोत्साहन भी सरकार की प्राथमिकता है। अपने संबोधन के अंत में, मुख्यमंत्री ने कहा कि नई घोषणाएं खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएंगी और देशी सांड नस्लों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करेंगी।

एकता और प्रगति का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार तमिल परंपराओं को कल्याण और विकास के साथ आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा, "मिलकर सभी तमिल सफल होंगे और आगे बढ़ेंगे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का प्रयास भी हैं। सरकार का यह कदम यह दर्शाता है कि वह खेलों को प्रोत्साहित करने के प्रति गंभीर है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अलंगनल्लूर जल्लिकट्टू क्या है?
अलंगनल्लूर जल्लिकट्टू एक पारंपरिक तमिल खेल है जिसमें खिलाड़ी सांडों को काबू में करने का प्रयास करते हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणाएं क्या हैं?
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने और अलंगनल्लूर में पशु चिकित्सा केंद्र स्थापित करने की घोषणाएं की हैं।
इस खेल का महत्व क्या है?
यह खेल तमिल संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह साहस और गौरव का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले