बलरामपुर में सीएम योगी का ₹392 करोड़ का विकास पैकेज, बोले — माफिया चुना तो गरीबों का खून चूसेगा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 जून 2025 को बलरामपुर के मध्यनगर बिलोहा में ₹392.25 करोड़ की कुल 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास की राह तभी खुलती है जब जनता सही प्रतिनिधि चुनती है — 'माफिया को चुनकर भेजोगे तो गरीबों का खून चूसेगा।' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण सहित अनेक शासकीय योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया गया।
परियोजनाओं का विवरण
बलरामपुर में लोकार्पित और शिलान्यासित परियोजनाओं की कुल लागत ₹392.25 करोड़ है। इनमें से 89 परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ, जिनकी लागत ₹301.50 करोड़ है, जबकि 37 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिन पर ₹90.75 करोड़ व्यय होंगे। मुख्यमंत्री ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की उत्कृष्ट छात्राओं को भी सम्मानित किया और बलरामपुर के विकास मॉडल पर जनता से सीधा संवाद किया।
माफिया-मुक्ति और कानून-व्यवस्था पर सीएम का बयान
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले बलरामपुर में दुर्गा पूजा के दौरान पचपेड़वा, गैसड़ी, उतरौला जैसे इलाकों में दंगे होते थे और उन्हें गोरखपुर से आकर स्थिति संभालनी पड़ती थी। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश के 75 जनपद, 350 तहसीलें और 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें दंगामुक्त हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया की जब्त जमीनों पर अब गरीबों के लिए मकान बनाए जा रहे हैं। 'माफिया आज मिट्टी में मिल गए' — उन्होंने यह भी कहा कि 2017 से पहले यूपी से बाहर जाने पर पहचान का संकट था, अब यूपी का नाम सम्मान दिलाता है।
गरीब कल्याण और सरकारी योजनाएँ
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले गरीबों को राशन नहीं मिलता था और उनके अनुसार सपा के दौर में राशन का दुरुपयोग होता था। अब हर गरीब को निःशुल्क राशन, आयुष्मान कार्ड, आय-निवास प्रमाण पत्र और अन्य सुविधाएँ बिना भेदभाव के दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ-सबका विकास' के विजन के तहत डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से काम कर रही है।
बलरामपुर का बदलता विकास मॉडल
योगी आदित्यनाथ ने याद दिलाया कि एक समय बलरामपुर नीति आयोग के मानकों पर देश के सबसे पिछड़े जनपदों में था। अब यहाँ मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज, थारू संग्रहालय, सरयू राष्ट्रीय परियोजना और हर घर नल योजना जैसी परियोजनाएँ साकार हो चुकी हैं। वनटांगिया गांवों के लोगों को आवासीय पट्टे देकर नागरिकता दी गई है और थारू जनजाति के बच्चों को स्कूल मिले हैं।
उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के आँकड़ों के अनुसार इस वर्ष सर्वाधिक नामांकन बलरामपुर में हुए हैं। मथुरा घाट पर राप्ती नदी के पुल को भी स्वीकृति मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस के संदर्भ में जल संरक्षण और वन संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा — 'जल है तो कल है।'
राजनीतिक संदेश और आगे की राह
मुख्यमंत्री ने गैसड़ी और तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि अच्छे जनप्रतिनिधि — कैलाशनाथ शुक्ला, राम प्रताप वर्मा, पलटूराम — चुनने से ही विकास संभव हुआ। उन्होंने परोक्ष रूप से आगामी चुनावी संदर्भ में मतदाताओं को सचेत किया कि 'अच्छे लोग चुनेंगे तो अच्छे परिणाम आएंगे।' बलरामपुर में जारी निवेश और परियोजनाओं की रफ्तार इस बात का संकेत है कि सरकार इस सीमावर्ती जनपद को विकास के मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।