क्या कर्नल सोफिया मामले में मध्य प्रदेश सरकार दो सप्ताह में विजय शाह पर निर्णय लेगी?
सारांश
Key Takeaways
- सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
- विजय शाह ने विवादास्पद बयान पर माफी मांगी है।
- इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया है।
- आक्रोश फैलने के बाद मंत्री ने वीडियो जारी किया।
नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ऑपरेशन सिंदूर पर प्रेस ब्रीफिंग करने वाली भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के संदर्भ में मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा दिए गए विवादास्पद बयान के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक मंजूरी पर दो सप्ताह के भीतर विचार करे।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निचली अदालत में मामला लंबित होने के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक आवश्यक कानूनी अनुमति नहीं दी है। अदालत ने सरकार को इस पर जल्द निर्णय लेने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान विजय शाह के वकील ने कहा कि मंत्री ने इस मामले पर पहले ही माफी मांग ली है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि अब माफी पर विचार करने का समय समाप्त हो चुका है।
इंदौर जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान, मंत्री विजय शाह ने कर्नल कुरैशी की ओर इशारा करते हुए कहा, "जिन लोगों ने हमारी बेटियों को विधवा बनाया, हमने उन्हें सबक सिखाने के लिए उनकी अपनी बहन को भेजा।"
मंत्री के इस बयान के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया था। विवाद बढ़ने के बाद, कुंवर विजय शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक 1 मिनट 13 सेकंड का वीडियो जारी कर कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ अपनी विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांगी थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएस अधिकारियों की विशेष जांच समिति (एसआईटी) बनाने का आदेश दिया था।