कांग्रेस ने असम में सरकार बनाने का किया दावा: बाला साहेब थोराट का भाजपा पर प्रहार
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस ने असम में सरकार बनाने का दावा किया है।
- भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाने में कांग्रेस सक्रिय है।
- बाला साहेब थोराट ने भाजपा की राजनीति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
- असम में मतदान प्रतिशत में वृद्धि सरकार के खिलाफ असंतोष का संकेत है।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इंदिरा गांधी भवन में शुक्रवार को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में CWC के सदस्य भंवर जितेंद्र सिंह और कांग्रेस नेता बाला साहेब थोराट ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए बताया कि कांग्रेस असम में सरकार बनाने की स्थिति में है।
असम चुनाव को लेकर भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा, "मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के भीतर निराशा का माहौल है। राज्य में जिस प्रकार का भ्रष्टाचार फैला हुआ है, वह माफियाराज का संकेत देता है। कांग्रेस पार्टी ने पिछले वर्षों में इस मुद्दे को उजागर किया है, जिसके चलते हमारा प्रचार अभियान बेहद सफल रहा। गौरव गोगोई का चेहरा हमारे अभियान का प्रमुख हिस्सा रहा है, और हमारे पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने मेहनत की है। हम पिछले पाँच वर्षों से भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठा रहे हैं। सरकार ने जो वादे किए थे, उन पर वे पूरी तरह से विफल रहे हैं। सीएम सरमा द्वारा पवन खेड़ा और मीडिया पर की गई टिप्पणियां असम की संस्कृति के अनुकूल नहीं हैं।"
उन्होंने राज्य में बढ़े हुए मतदान प्रतिशत पर कहा, "पूरे असम में मतदान प्रतिशत बढ़ा है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में ज्यादा मतदान देखने को मिला है, जिसका मतलब है कि यह सरकार के खिलाफ मतदान हुआ है। जहाँ भी हमने अधिक मतदान देखा है, वह सरकार के खिलाफ रहा है। कांग्रेस पार्टी बहुमत से जीतने के लिए तैयार है। हमें कांग्रेस के सहयोगी दलों से भी बड़ा समर्थन मिला है।"
कांग्रेस नेता बाला साहेब थोराट ने पवन खेड़ा को एक सप्ताह की अग्रिम जमानत मिलने पर भाजपा पर हमला किया। उन्होंने कहा, "पवन खेड़ा ने भाजपा की राजनीति के तरीके पर बिल्कुल सही टिप्पणी की है। अब वह हमारे लिए नायक बन गए हैं। 2014 से लेकर आज तक राजनीति किस दिशा में जा रही है, यह सबको पता है। महाराष्ट्र की राजनीति पर नजर डालें, जिन लोगों को जेल में जाना था, वे बाद में मंत्री बन गए। एक दिन पहले जिन पर जांच बैठाई जा रही थी, वे अगले दिन भाजपा में शामिल हो जाते हैं। इस तरह की स्थिति में वे वाशिंग मशीन से बाहर निकलते हैं। भाजपा का राजनीति करने का यह तरीका दुर्भाग्यपूर्ण है, जो हमारे लोकतंत्र के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है।