क्या सच बोलने वालों को धमकी देना कांग्रेस का डीएनए है? - शहजाद पूनावाला

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क्या सच बोलने वालों को धमकी देना कांग्रेस का डीएनए है? - शहजाद पूनावाला

सारांश

कांग्रेस पर इमरजेंसी मानसिकता अपनाने का आरोप लगाते हुए भाजपा प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने कहा कि जो नेता राष्ट्रहित को पहले रखते हैं, उन्हें धमकियां मिलती हैं। क्या यह कांग्रेस का असली चेहरा है?

Key Takeaways

  • कांग्रेस पर इमरजेंसी मानसिकता का आरोप।
  • राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने वाले नेताओं को धमकियां।
  • शकील अहमद का उदाहरण।

नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने कांग्रेस पर फिर से इमरजेंसी मानसिकता अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में जो भी नेता पार्टी और परिवार से ऊपर राष्ट्रहित को रखता है, उसे धमकाया जाता है, अपमानित किया जाता है और चुप कराने की कोशिश की जाती है। पूनावाला ने इस संदर्भ में पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद के हालिया बयान और उनके बाद सामने आई धमकियों का हवाला दिया।

शहजाद पूनावाला ने मंगलवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से खास बातचीत में कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रहे शकील अहमद ने जब राहुल गांधी को डरपोक और अपरिपक्व बताया, तो उसके बाद उन्हें मारपीट, अपमान और हमले की धमकियां मिलने लगीं। उन्होंने कहा कि शकील अहमद ने इन धमकियों के प्रमाण भी सार्वजनिक किए हैं। अपने व्यक्तिगत अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने कांग्रेस के प्रथम परिवार के खिलाफ आवाज उठाई थी, तब उन्हें भी धमकियां मिली थीं और अंततः पार्टी से बाहर कर दिया गया था। कांग्रेस में यही परंपरा है।

शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर का उदाहरण देते हुए कहा कि जब थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना के समर्थन में बात की और पार्टी व परिवार से ऊपर राष्ट्र को रखा, तो उन्हें भी पार्टी के भीतर अपमानित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में जो भी नेता परिवार के हित से ऊपर राष्ट्रहित को रखता है, उसे निशाना बनाया जाता है। राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए पूनावाला ने कहा कि वह लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की आज़ादी की बात करते हैं, लेकिन व्यवहार में वे सबसे ज्यादा असहिष्णु और गैर-लोकतांत्रिक नेता हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र और फ्री स्पीच का ढिंढोरा पीटते हैं, लेकिन उनसे ज्यादा असहिष्णु और इमरजेंसी मानसिकता से ग्रसित कोई नहीं है। जो भी परिवार के खिलाफ बोले, उसके खिलाफ हिट जॉब का आदेश दे दिया जाता है।

इस दौरान शहजाद पूनावाला ने इंडी गठबंधन पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन बिना किसी मिशन, विज़न, नीति और नेतृत्व के बना है। उन्होंने कहा कि इस गठबंधन को जोड़ने वाली चीजें सिर्फ कमीशन, करप्शन, सत्ता की भूख और समाज को बांटने की राजनीति हैं।

तमिलनाडु में डीएमके और कांग्रेस के बीच चल रहे टकराव का जिक्र करते हुए पूनावाला ने कहा कि एक तरफ डीएमके कांग्रेस से कह रही है कि सत्ता में हिस्सेदारी की मांग न करें, वहीं कांग्रेस डीएमके से कह रही है कि वह कांग्रेस की आभारी रहे। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ही सहयोगी दल एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं और अगर यही लोग सत्ता में आ गए तो देश और राज्यों का क्या हाल होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है।

भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि ईडी गठबंधन सिर्फ कागजों और कल्पनाओं में मौजूद है। बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, असम, केरल, कर्नाटक, गुजरात, कहीं भी यह गठबंधन जमीनी स्तर पर मौजूद नहीं है। इसके उलट, एनडीए एक मजबूत गठबंधन है, जिसके पास स्पष्ट मिशन और विज़न है।

Point of View

एक गंभीर चिंता का विषय है। राजनीति में खुलापन और संवाद आवश्यक है। यदि कोई पार्टी अपने भीतर असहमति को सहन नहीं करती, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

शहज़ाद पूनावाला ने कांग्रेस पर कौन सा आरोप लगाया?
उन्होंने कांग्रेस पर इमरजेंसी मानसिकता अपनाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस में असहमति के लिए किस तरह की धमकियां दी जाती हैं?
जो नेता राष्ट्रहित को पहले रखते हैं, उन्हें धमकाया और अपमानित किया जाता है।
क्या पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद के मामले में भी ऐसा हुआ?
हाँ, शकील अहमद को राहुल गांधी की आलोचना करने के बाद धमकियां मिलीं।
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