क्या राहुल गांधी की आलोचना करने वाले नेताओं को कांग्रेस सांसद ने 'जयचंदों का नया बैच' बताया?

Click to start listening
क्या राहुल गांधी की आलोचना करने वाले नेताओं को कांग्रेस सांसद ने 'जयचंदों का नया बैच' बताया?

सारांश

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने राहुल गांधी की आलोचना करने वाले नेताओं को 'विश्वासघाती' करार दिया। यह बयान पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद की टिप्पणियों के जवाब में आया है। इस पर चर्चा करते हुए जानें कि राहुल गांधी का राजनीतिक सफर और आलोचनाओं का क्या महत्व है।

Key Takeaways

  • कांग्रेस सांसद ने आलोचकों को विश्वासघाती करार दिया।
  • राहुल गांधी ने नफरत के खिलाफ प्रेम फैलाने के लिए यात्रा की।
  • आलोचना का उद्देश्य केवल प्रासंगिक बने रहना है।
  • 2024 में राहुल गांधी ने राजनीति को सड़कों पर लाने का प्रयास किया।
  • इतिहास याद रखेगा कि किसने संघर्ष किया।

नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना करने वाले नेताओं को विश्वासघाती करार दिया है। यह बयान पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद की उस टिप्पणी के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को भारतीय राजनीति का सबसे डरपोक और असुरक्षित नेता कहा था।

मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ। बस एक बार फिर दुख हुआ है कि जब साहस सबसे कठिन राह पर चलता है, तो विश्वासघात कैसे खुलकर सामने आता है। ऐसे समय में जब कांग्रेस को एकता की सबसे ज्यादा आवश्यकता थी, तब विश्वासघातियों के समूह में शामिल होने वाले शकील अहमद और पूर्व बसपा नेता राशिद अल्वी जैसे लोगों ने उसी नेता पर हमला किया है, जिसने नफरत को हराने और प्रेम फैलाने के लिए ४,००० किलोमीटर से अधिक की यात्रा की और भारत जोड़ो न्याय यात्रा के तहत ६,००० किलोमीटर का सफर तय किया।

उन्होंने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य विचारधारा या चिंता नहीं है। ये केवल टीवी पर दिखने, प्रासंगिक बने रहने और नए आकाओं को खुश करने के लिए हैं।

उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि ये विश्वासघातियों का एक नया समूह है। इनमें से कुछ मोदी सरकार में मंत्री हैं, कुछ सांसद हैं, एक तो वर्तमान मुख्यमंत्री भी हैं, और कई ऐसे हैं जो दल बदलकर आए हैं। जयचंदों के २०२६ बैच में आपका स्वागत है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता सच्चाई जानती है। जब सभी का मानना था कि मंदिर निर्माण के बाद इंडिया अलायंस कभी १५० का आंकड़ा नहीं पार कर पाएगा, तब उसी नेता ने उस मुहिम का नेतृत्व किया, जिसने इंडिया अलायंस को सत्ता से मात्र ३२ सांसद कम पर ला खड़ा किया, एक ऐसा परिणाम जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। और आज उसी नेता का उपहास उड़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि २०२४ में २४० सीटों के साथ राहुल गांधी ने राजनीति को पुनः सड़कों पर ला खड़ा किया, नफरत को प्रेम से चुनौती दी और साबित किया कि दृढ़ता से मिथकों को हराया जा सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला करके, वे मल्लिकार्जुन खड़गे का भी अपमान कर रहे हैं, जो वर्तमान भारतीय राजनीति में सबसे बड़े दलित नेता और कांग्रेस की लोकतांत्रिक आत्मा हैं।

उन्होंने कहा कि यात्राएं कई बातें उजागर करती हैं। वे नफरत और विश्वासघात को उजागर करती हैं। जनता देख रही है। इतिहास याद रखेगा कि भारत के लिए किसने संघर्ष किया और कौन सत्ता पाने के लिए गिड़गिड़ाया।

Point of View

यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी पर उठ रही आलोचनाएं राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का हिस्सा हैं। आलोचना के बावजूद, उनके प्रयासों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वर्तमान में, कांग्रेस को एकजुटता की आवश्यकता है और ऐसे समय में आंतरिक संघर्ष केवल पार्टी के लिए हानिकारक हो सकता है।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

राहुल गांधी की आलोचना क्यों हो रही है?
राहुल गांधी की आलोचना कई नेताओं द्वारा की गई है, जो उन्हें भारतीय राजनीति का सबसे डरपोक नेता मानते हैं।
मणिकम टैगोर ने आलोचकों को क्या कहा?
उन्होंने आलोचकों को विश्वासघाती और जयचंदों का नया बैच बताया है।
कांग्रेस को एकता की आवश्यकता क्यों है?
कांग्रेस को 2024 के चुनावों में सफलता के लिए एकता की आवश्यकता है, ताकि वे नफरत और विभाजन के खिलाफ खड़े हो सकें।
Nation Press