क्या कांग्रेस ने हमेशा भगवान राम का तिरस्कार किया?
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस पर भगवान राम का तिरस्कार करने का आरोप।
- राहुल गांधी का अयोध्या जाने का संकेत।
- बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों की चिंता।
- महाराष्ट्र में क्षेत्रवाद का विरोध।
- प्रधानमंत्री मोदी की विकास नीति का समर्थन।
नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कांग्रेस पर राम विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि केवल कांग्रेस को छोड़कर भगवान राम देशवासियों के लिए आस्था का केंद्र हैं। कांग्रेस ने सदैव भगवान राम का तिरस्कार किया है, जो बेहद अनुचित है।
उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से संवाद करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्न उठाए हैं। वह समय भुलाया नहीं जा सकता, जब सोनिया गांधी के नेतृत्व में यह कहा गया था कि भगवान राम का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं, वह केवल काल्पनिक हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अयोध्या स्थित राम मंदिर जाने की संभावनाओं पर आरपी सिंह ने कहा कि यह एक अच्छी बात है कि राहुल गांधी भगवान राम का दर्शन करने जा रहे हैं। देशवासियों की आस्था भगवान राम से जुड़ी हुई है। अब देश उस क्षण का इंतजार कर रहा है, जब राहुल गांधी अयोध्या में राम मंदिर का दर्शन करेंगे।
उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर चिंता व्यक्त की। आरपी सिंह ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले दुर्भाग्यपूर्ण हैं। वहां कहीं भी हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं, उन्हें अपने दूतावास में जाकर मदद मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में लगातार हो रहे हमलों को एक सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बांग्लादेश की सरकार हिंदुओं पर हो रहे हमलों में हस्तक्षेप करेगी। यदि वे सफल होते हैं, तो स्थितियां सुधर सकती हैं।
आरपी सिंह ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम इस देश में किराएदार नहीं, बल्कि मालिक हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि ओवैसी को यह समझना होगा कि इस देश में न तो कोई किराएदार है और न ही मुसलमान। देश में सभी की हिस्सेदारी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम हो रहा है। यदि हम चाहते हैं कि देश का विकास तेजी से हो, तो हमें समाज के विभिन्न तबकों की हिस्सेदारी की आवश्यकता है। इसी दिशा में केंद्र की मौजूदा सरकार कार्य कर रही है।
आरपी सिंह ने आतिशी के सिख गुरु के संबंध में दिए बयान को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि आतिशी का यह दावा कि उन्होंने ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया, गलत है, क्योंकि विधानसभा में इसका वीडियो मौजूद है। इससे स्पष्ट है कि उन्होंने सिख गुरु का अपमान किया है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। आतिशी इस मामले में पंजाब सरकार का सहारा लेकर खुद को बचाने की कोशिश कर रही हैं। उन्हें अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने महाराष्ट्र को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में क्षेत्रवाद की बात करना उचित नहीं है। यहां की संस्कृति में किसी भी प्रकार के अमर्यादित बयान को स्वीकार नहीं किया जा सकता।