क्या बिहार में कांग्रेस के विधायकों में कोई नाराजगी है?
सारांश
Key Takeaways
- अखिलेश सिंह ने पार्टी में टूट होने की बात को खारिज किया।
- विधायकों के बीच कोई नाराजगी नहीं है।
- मीडिया में चल रही खबरें अफवाह हैं।
- दूरियों के कारण भोज में अनुपस्थिति को नाराजगी से जोड़ा गया।
- कांग्रेस के विधायक पूरी तरह से पार्टी के साथ हैं।
पटना, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार कांग्रेस के विधायकों की नाराजगी और उनके एनडीए के साथ संपर्क में होने की चर्चा के बीच, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद अखिलेश सिंह ने यह स्पष्ट किया कि किसी की इच्छा से कांग्रेस में कोई टूट नहीं होने वाली।
पटना में अखिलेश सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा, "कांग्रेस के विधायकों को किस बात की नाराजगी हो सकती है?" उन्होंने कहा कि विधायकों में किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है। उन्होंने मीडिया में चल रही खबरों पर व्यंग्य करते हुए कहा, "कांग्रेस में टूट की बातें पिछले कई वर्षों से सुन रहा हूं। 2015 के विधानसभा चुनाव से कहा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी टूट रही है। 2020 में भी ऐसी बातें हुईं और 2025 में जो चुनाव हुए, उन सभी में जीतने वाले विधायक पूरी तरह से कांग्रेस के साथ हैं।"
कांग्रेस के नेता ने कहा कि एनडीए के कुछ नेताओं में 'छपास की बीमारी' है, जो ऐसी बातें करते रहते हैं।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम द्वारा मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में कांग्रेस विधायकों के अनुपस्थित होने पर उन्होंने कहा कि कोई 200-300 किलोमीटर दूर से भोज खाने नहीं आता। कोई वाल्मीकि नगर से है, कोई किशनगंज से, इसलिए वहां से कोई आकर चूड़ा-दही खाने नहीं आएगा। इसे नाराजगी से जोड़ना गलत है।
ज्ञात हो कि तीन दिन पहले कांग्रेस पार्टी के प्रदेश कार्यालय में चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया गया था, जिसमें कोई भी विधायक उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद एनडीए के नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के विधायक एनडीए के संपर्क में हैं।