क्या दिल्ली ब्लास्ट के बाद देश को एकजुट रहना चाहिए?
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, १३ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में हुए ब्लास्ट के बाद पूरे देश में सभी राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। इस स्थिति में, विपक्षी नेताओं द्वारा जांच एजेंसियों पर सवाल उठाने के संदर्भ में शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने गुरुवार को तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि देश के लिए एकजुट होकर खड़े होने का है। उन्होंने सपा नेता अबू आजमी के बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
कायंदे ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "केंद्र सरकार ने दिल्ली ब्लास्ट को बेहद गंभीरता से लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस मुद्दे को महत्वपूर्ण मानते हुए सभी जांच एजेंसियों को सक्रिय कर दिया है। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी जारी है। इस समय हमें किसी भी राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। यह समय राजनीति का नहीं है; हमें देश के साथ एकजुट होकर खड़ा होना होगा। जांच एजेंसी पर सवाल उठाना पूरी तरह से गलत है।"
महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष अबू आजमी ने जांच एजेंसियों पर जल्दबाजी में कार्रवाई करने और गलत लोगों को गिरफ्तार करने का आरोप लगाया।
कायंदे ने कहा कि आजमी हिंदुस्तान में रहकर पाकिस्तानबेगुनाह लोगों की जान गई, और आजमी ने इस पर कोई भी सद्भावना नहीं दिखाई।
आजमी ने कहा कि बेगुनाहों को तकलीफ नहीं होनी चाहिए। उन्हें सबसे पहले दिल्ली ब्लास्ट में मारे गए बेगुनाहों के प्रति सद्भावना व्यक्त करनी चाहिए। वे हमेशा देश और वंदे भारत के खिलाफ बोलते हैं। जब विशेष समुदाय के लोग पकड़े जाते हैं, तो आजमी अपना मुंह खोलते हैं। उन्होंने कहा कि उनके बोलने या न बोलने से देश नहीं चलता।
ब्लास्ट के पीछे विशेष समुदाय के लोगों की संलिप्तता पर कायंदे ने कहा, "यह कोई नई बात नहीं है। अलगाववादी संगठनों और आतंकवादी समूहों को कौन चलाता है, ये सभी जानते हैं। अब इस पर बोलने की भी आवश्यकता नहीं है, यह खुद स्पष्ट हो रहा है। जो तीन आरोपी पकड़े गए हैं, वे सभी विशेष समुदाय के लोग हैं।"