क्या दिल्ली कोर्ट में राजा भैया केस की सुनवाई टली? पत्नी भानवी सिंह ने जान का खतरा बताकर सुरक्षा मांगी
सारांश
Key Takeaways
- राजा भैया पर गंभीर आरोप लगे हैं।
- भानवी सिंह ने सुरक्षा की मांग की है।
- अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी।
- यह मामला महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा का प्रतीक है।
- सामाजिक न्याय की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के कुंडा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ उनकी पत्नी भानवी सिंह द्वारा दर्ज घरेलू हिंसा के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पुलिस की चार्जशीट पर चर्चा को टाल दिया और अगली सुनवाई 19 जनवरी को निर्धारित की।
इस दौरान, भानवी सिंह ने अदालत में अपनी और अपनी बेटी की जान को खतरा बताते हुए दिल्ली पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि बुधवार की रात उनकी और पड़ोसी की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। ईओडब्ल्यू में मामला चल रहा है, इसलिए उन्हें बीमा भी नहीं मिलेगा। भानवी ने अपने द्वारा भेजी गई शिकायत की कॉपी अदालत में प्रस्तुत की और कहा कि आरोपी बहुत ताकतवर व्यक्ति हैं—सात बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं। अदालत ने इस सुरक्षा मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया और संबंधित एसएचओ को संज्ञान लेने का निर्देश देने की संभावना जताई।
भानवी सिंह के वकील ने अदालत में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि राजा भैया पर अवैध रूप से मगरमच्छ पालने के आरोप हैं, कई हत्या के मामले चल रहे हैं, और वे अपने माता-पिता पर भी हाथ उठाते हैं। घर में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है। भानवी के नाम पर करीब 200 करोड़ रुपए की संपत्ति है, लेकिन वह अब सड़क पर आ गई हैं। उनकी दोनों बेटियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
यह मामला 2025 में भानवी सिंह की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसमें उन्होंने लंबे समय से शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। दंपती अलग-अलग रह रहे हैं और तलाक का मामला भी चल रहा है। भानवी ने पहले भी कई बार सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा मांग पर ध्यान देने का आश्वासन दिया। राजा भैया की तरफ से अदालत में अभी कोई उत्तर नहीं आया है।