दिल्ली में लाल किला और सचिवालय को बम से उडाने की धमकी, खालिस्तानी समूह की संदिग्ध गतिविधि
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती
- खालिस्तानी समूह की संदिग्ध गतिविधि
- सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता
- तलाशी अभियान में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली
- ईमेल की जांच जारी
नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को एक गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई, जब ऐतिहासिक स्थल लाल किला और दिल्ली सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। यह धमकी एक खालिस्तानी संगठन द्वारा भेजी गई थी।
इस धमकी की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं और दोनों स्थानों पर एक व्यापक तलाशी अभियान आरंभ कर दिया।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया। लाल किला परिसर को खाली कराया गया और उसके अंदर-बाहर गहन जांच की गई।
दिल्ली सचिवालय में कार्यरत कर्मचारियों को तात्कालिक रूप से बाहर निकलने के निर्देश दिए गए। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने भी जांच शुरू की, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि लाल किला और सचिवालय में तलाशी के दौरान कुछ नहीं पाया गया है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिसर को खाली कर दिया गया है। ईमेल की उत्पत्ति की जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर सेल की टीमें जांच में लगी हुई हैं और सुरक्षा एजेंसियां भी हालात पर नजर रख रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि साइबर सेल को सतर्क किया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह किसी की शरारत है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है। फिलहाल, कहीं से भी कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूर्ण सतर्कता बरत रही हैं।
सोमवार सुबह, राजधानी के दो प्रमुख विद्यालयों, धौला कुआंआर्मी पब्लिक स्कूल और लोधी रोड स्थित एय फोर्स बाल भारती स्कूल को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ईमेल के माध्यम से मिली इस सूचना के बाद पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस की टीम तुरंत स्कूल परिसरों में पहुंची और छात्रों तथा स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकालकर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन वहां से भी कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
हाल के दिनों में, राजधानी के कई शिक्षण संस्थानों को इसी तरह की धमकियां प्राप्त हो चुकी हैं। हाल ही में द्वारका स्थित सीआरपीएफ पब्लिक स्कूल, सेंट थॉमस स्कूल और पश्चिम एन्क्लेव के डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल को भी ईमेल के जरिए बम की धमकी दी गई थी। जांच के बाद उन धमकियों को झूठा करार दिया गया था।