19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या तुम्हारा खून ठंडा पड़ गया है? पुलिस पर पत्थरबाजी करते हुए लगे नारे: कांस्टेबल विक्रम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या तुम्हारा खून ठंडा पड़ गया है? पुलिस पर पत्थरबाजी करते हुए लगे नारे: कांस्टेबल विक्रम

सारांश

दिल्ली के तुर्कमान गेट पर अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। कांस्टेबल विक्रम ने बताया कि भीड़ के नारे सुनाई दिए, जिसमें कहा गया था, ‘तुम्हारा खून ठंडा हो गया है।’ यह घटना न केवल पुलिस के लिए, बल्कि स्थानीय नागरिकों के लिए भी चिंता का विषय है।

मुख्य बातें

भीड़ प्रबंधन की चुनौतियाँ कानून व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता अतिक्रमण हटाने के दौरान संवेदनशीलता पुलिस और समुदाय के बीच संवाद घटनाओं का तत्काल विश्लेषण

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के तुर्कमान गेट के पास स्थित एक मस्जिद के निकट अतिक्रमण हटाने के दौरान पत्थरबाजी के कारण दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल विक्रम और हेड कांस्टेबल जल सिंह घायल हो गए। कांस्टेबल विक्रम ने बताया कि रात में भीड़ की संख्या काफी अधिक थी। जब पत्थरबाजी शुरू हुई, तब भीड़ में से नारे लगाए जा रहे थे कि “तुम्हारा खून ठंडा हो गया है।”

कांस्टेबल विक्रम ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि 6 जनवरी को लगभग 11:30 बजे से मैं एसएचओ के साथ तुर्कमान गेट पर ड्यूटी पर था। हज मंजिल के पास भीड़ बहुत अधिक थी। एसएचओ ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पत्थरबाजी हुई। रात 12:30 बजे के बाद पत्थरबाजी शुरू हुई। मैंने भीड़ से किसी को यह कहते सुना, ‘तुम्हारा खून ठंडा पड़ गया है।’

हेड कांस्टेबल जल सिंह ने कहा कि रात में अतिक्रमण हटाने के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी पर थे। हमारे एसएचओ भी ड्यूटी पर थे और बैरिकेड लगाए गए थे। एसएचओ भीड़ को शांति से समझाने का प्रयास कर रहे थे और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। यह कार्य कोर्ट के आदेशों के अनुसार सख्ती से किया जा रहा था। किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए कुछ नहीं किया गया, लेकिन अचानक भीड़ उग्र हो गई और पत्थरबाजी करने लगी। एसएचओ, मेरे साथी और मुझे भी चोटें आई हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सीवर लाइन टूटने के कारण मलबे से पत्थर फेंके गए थे। भीड़ बहुत बड़ी थी और गलियों में भी लोगों की संख्या अधिक थी।

पुलिस पर पथराव के मामले में जॉइंट सीपी मधुर वर्मा ने कहा कि 6 जनवरी को अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले कुछ बदमाशों ने पुलिस टीम पर पत्थर फेंके। इस घटना के संबंध में दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंगा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाले कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो कानून व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। हमें यह समझना होगा कि अतिक्रमण हटाने जैसी कार्रवाई हमेशा संवेदनशील होती है। पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच संवाद और समझदारी की आवश्यकता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना में कितने पुलिसकर्मी घायल हुए?
इस घटना में दो पुलिसकर्मी, कांस्टेबल विक्रम और हेड कांस्टेबल जल सिंह घायल हुए हैं।
पत्थरबाजी के दौरान crowd में क्या नारे लगाए गए?
भीड़ में से नारे लगाए गए थे, ‘तुम्हारा खून ठंडा हो गया है।’
इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है?
दिल्ली पुलिस ने दंगा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले