क्या आम आदमी पार्टी की सरकार प्रदूषण नियंत्रण में असफल रही है: मनजिंदर सिंह सिरसा?

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क्या आम आदमी पार्टी की सरकार प्रदूषण नियंत्रण में असफल रही है: मनजिंदर सिंह सिरसा?

सारांश

दिल्ली विधानसभा में प्रदूषण पर बहस रद्द होने के बाद, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी के विधायकों से भाग लेने की अपील की है। इस चर्चा में, उन्होंने पिछले 11 वर्षों में प्रदूषण नियंत्रण में आप की विफलताओं पर प्रकाश डालने की बात कही। क्या यह बहस प्रदूषण के समाधान की दिशा में एक कदम होगा?

Key Takeaways

  • दिल्ली विधानसभा में प्रदूषण पर बहस रद्द हुई।
  • मनजिंदर सिंह सिरसा ने विपक्ष से भाग लेने की अपील की।
  • भाजपा की सरकार प्रदूषण नियंत्रण में पूर्व सरकार की विफलताओं को उजागर करना चाहती है।
  • प्रदूषण कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि जन स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।
  • दिल्ली में हाल के वर्षों में सबसे स्वच्छ हवा देखने को मिली है।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुरुवार को दिल्ली विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी आम आदमी पार्टी (आप) के बीच बार-बार स्थगन और तीखी झड़पों के कारण प्रदूषण पर निर्धारित बहस रद्द कर दी गई। इसके बाद पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने विपक्ष की नेता आतिशी और अन्य आम आदमी पार्टी विधायकों से शुक्रवार को होने वाली चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया।

सदन के बाहर मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए सिरसा ने आतिशी और सभी विपक्षी विधायकों से शुक्रवार को होने वाली प्रदूषण पर विस्तृत बहस में शामिल होने की अपील की।

सिरसा ने कहा कि भागने से समाधान नहीं निकलता। यदि हम प्रदूषण से गंभीरता से निपटना चाहते हैं और जनता को सच्चाई से अवगत कराना चाहते हैं, तो संवाद में भाग लेना आवश्यक है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि विपक्ष कार्यवाही में भाग लेगा, अपने विचार दर्ज करेगा और एक सार्थक चर्चा में शामिल होगा ताकि दिल्ली की जनता के सामने तथ्य स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किए जा सकें।

सिरसा ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार इस बहस का उपयोग पिछले 11 वर्षों में शहर में प्रदूषण से निपटने में पूर्व आम आदमी सरकार की कई विफलताओं को “उजागर” करने के लिए करेगी।

सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए सिरसा ने कहा कि यह चर्चा किसी राजनीतिक दल को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं थी, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और जन स्वास्थ्य की रक्षा पर केंद्रित थी।

उन्होंने कहा कि प्रदूषण कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। यह लाखों दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ा मामला है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रदूषण पर तथ्यों पर आधारित, गंभीर और समाधान-उन्मुख बहस की आवश्यकता है। सिरसा ने आरोप लगाया, “दुर्भाग्य से, अपने 11 साल के कार्यकाल में आम आदमी पार्टी की सरकार प्रदूषण नियंत्रण के मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही। दिल्ली आज जिन चुनौतियों का सामना कर रही है, वे वर्षों की नीतिगत निष्क्रियता, खोखले दावों और जिम्मेदारी से बचने का परिणाम हैं।”

उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि पिछली सरकार ने पिछले एक दशक में प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर क्या किया या क्या करने में विफल रही।

सिरसा ने दावा किया कि इसके विपरीत, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, हमारी सरकार ने मात्र 11 महीनों में निर्णायक और ठोस कार्रवाई की है, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली में हाल के वर्षों में सबसे स्वच्छ हवा देखने को मिली है।

इस मुद्दे की गंभीरता पर जोर देते हुए सिरसा ने कहा कि वायु प्रदूषण सीधे तौर पर जन स्वास्थ्य से जुड़ा है और इसे राजनीतिक टकराव का रूप नहीं देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदूषण और उसके दीर्घकालिक समाधानों पर व्यापक और सार्थक चर्चा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली विधानसभा सत्र को एक दिन के लिए और बढ़ाया गया।

Point of View

NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

मनजिंदर सिंह सिरसा ने किस विषय पर चर्चा की?
उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण पर चर्चा की और आम आदमी पार्टी के विधायकों से बहस में भाग लेने का आग्रह किया।
दिल्ली विधानसभा में बहस क्यों रद्द हुई?
सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी आम आदमी पार्टी के बीच स्थगन और झड़पों के कारण बहस रद्द हुई।
सिरसा ने पिछले 11 वर्षों में आम आदमी पार्टी की सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार प्रदूषण नियंत्रण में पूरी तरह विफल रही।
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