दिल्ली-एनसीआर में उमस भरी गर्मी का कहर जारी, 16 से 21 सितंबर तक तापमान 34-35°C के बीच रहेगा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-एनसीआर में हाल की बारिश के बावजूद 16 सितंबर 2026 से उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 7 दिनों तक अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के दायरे में बना रहेगा — यानी तापमान में कोई बड़ी राहत मिलने की संभावना फिलहाल नहीं है। बारिश के बाद वातावरण में नमी का स्तर बढ़ने से 'फील्स-लाइक' तापमान वास्तविक से कहीं अधिक महसूस हो रहा है।
दिन-दर-दिन मौसम का हाल
IMD की स्थानीय मौसम रिपोर्ट के अनुसार 16 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर में सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। अधिकतम तापमान 35°C और न्यूनतम 25°C के आसपास रहने का अनुमान है। दोपहर से शाम के बीच बहुत हल्की बारिश हो सकती है।
17 सितंबर को भी बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान 34°C व न्यूनतम 24°C रहने का अनुमान है। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत एनसीआर के अन्य इलाकों में भी इन दो दिनों में हल्की से बहुत हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
18 सितंबर को मौसम में थोड़ा बदलाव आएगा — आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 24°C रह सकता है। बारिश की गतिविधियाँ अपेक्षाकृत कम रहेंगी।
19 से 21 सितंबर: उमस और गर्मी का वापसी दौर
19 सितंबर को अधिकतम तापमान बढ़कर 35°C और न्यूनतम 25°C तक पहुँच सकता है। मौसम आंशिक रूप से बादलयुक्त रहेगा, लेकिन बारिश की गतिविधियाँ कम होने के साथ उमस और गर्मी का प्रभाव फिर से महसूस किया जाएगा। 20 और 21 सितंबर को भी मौसम इसी तरह रहने का अनुमान है — आंशिक बादल, अधिकतम 35°C और न्यूनतम 25°C।
गौरतलब है कि मानसून सत्र में बारिश के बाद उमस का यह चक्र असामान्य नहीं है। सितंबर के मध्य में दिल्ली-एनसीआर में 'पोस्ट-रेन ह्यूमिडिटी' अक्सर वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी का एहसास कराती है, जिसे मौसम विज्ञान में 'हीट इंडेक्स' या 'फील्स-लाइक टेम्परेचर' कहते हैं।
आम जनता पर असर
उमस भरी गर्मी स्वास्थ्य के लिहाज़ से विशेष रूप से वृद्धों, बच्चों और बाहर काम करने वाले मज़दूरों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है। दिन में धूप निकलने और नमी का स्तर ऊँचा रहने की स्थिति में वास्तविक तापमान की तुलना में गर्मी अधिक तीव्र महसूस होती है, जिससे थकान, डीहाइड्रेशन और हीट स्ट्रेस का जोखिम बढ़ जाता है।
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ वर्षों में सितंबर के मध्य तक मानसून की सक्रियता घटने और उमस बढ़ने का यह एक दोहराया जाने वाला पैटर्न रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब शहर के कई हिस्सों में जलभराव की शिकायतें अभी पूरी तरह नहीं थमी हैं।
क्या होगा आगे
IMD के अनुसार अगले सात दिनों में कोई बड़ी मौसमी प्रणाली सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट की संभावना फिलहाल कम है। बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी से क्षणिक राहत मिल सकती है, लेकिन उमस का असर बना रहेगा। दिल्लीवासियों को अगले हफ्ते तक मौसम के इसी मिज़ाज के साथ तालमेल बिठाना होगा।