क्या दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 13 हजार करोड़ की ड्रग्स तस्करी का खुलासा किया?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने 13 हजार करोड़ की ड्रग्स तस्करी का खुलासा किया।
- तिलक नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
- सिंडिकेट का मास्टरमाइंड वीरेंद्र बसोया है।
- यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ है।
- पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल से मदद मांगी है।
नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 13 हजार करोड़ रुपए के नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े एक महत्वपूर्ण आरोपी को गिरफ्तार किया है। स्पेशल सेल ने सिक्किम से तिलक नामक आरोपी को पकड़ा, जो इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के लिए थाईलैंड से गांजा मंगाकर भारत में सप्लाई करता था।
जानकारी के अनुसार, तिलक इस ड्रग्स सिंडिकेट का एक सक्रिय सदस्य था और थाईलैंड से गांजा लाकर देश के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई का कार्य करता था। उसकी गिरफ्तारी से इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब आरोपी तिलक से पूछताछ कर रही है ताकि और जानकारी इकट्ठा की जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले 2 अक्टूबर 2024 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक विशाल संयुक्त कार्रवाई में दिल्ली, गुजरात और पंजाब से लगभग 13 हजार करोड़ रुपए की कोकीन और गांजा बरामद किया था। यह कार्रवाई देश में अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी मानी जा रही है। इस मामले में पुलिस ने 15 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह पूरा नेटवर्क एक संगठित अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट के तहत कार्य कर रहा था, जिसके तार विदेशों तक फैले हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड वीरेंद्र बसोया है, जो वर्तमान में देश से बाहर है। वीरेंद्र के बेटे ऋषभ बसोया के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। ऋषभ भी भारत से बाहर फरार बताया जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से उसकी तलाश की जा रही है।
बता दें, जब कोई व्यक्ति अपराध करके देश से भागकर दूसरे देश में जाकर छिप जाता है, तो देश की पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल से सहायता मांगती है। इसके बाद इंटरपोल उस व्यक्ति के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करता है।