क्या छत्तीसगढ़ के मजदूर 'वीबी जीरामजी' योजना से खुश हैं?
सारांश
Key Takeaways
- केंद्र सरकार की 'वीबी जीरामजी' योजना का शुभारंभ
- 125 दिनों का रोजगार और सात दिन में भुगतान की गारंटी
- मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद
धमतरी, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मनरेगा योजना में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। अब इस योजना का नाम 'वीबी जीरामजी' रखा गया है, और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को 100 दिन के बजाय 125 दिनमजदूर वर्ग में उत्साह का माहौल है।
मजदूरों का मानना है कि केंद्र सरकार की यह पहल उनके लिए लाभकारी है। गांव में 125 दिनों तक रोजगार मिलने से उनके जीवन स्तर में काफी सुधार होगा। इसके साथ ही, सात दिन
मनरेगा मजदूर विनीता ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "केंद्र सरकार का नया कानून बहुत उत्कृष्ट है। पहले 100 दिन का काम मिलता था, अब यह 125 दिन हो गया है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। इसके लिए मैं केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करती हूँ।"
डालू साहू ने कहा कि हम केंद्र सरकार के नए कानून से बहुत संतुष्ट हैं, क्योंकि इससे हमारी आय बढ़ी है और काम की गारंटी मिली है।
मजदूर संघ के अध्यक्ष नंद यादव ने कहा कि 'वीबी जीरामजी' कानून मजदूरों के हित में है। पुराने कानून की तुलना में यह काफी बेहतर है। मजदूरों को 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार दिया गया है। इस योजना में मजदूरों को साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिन में मजदूरी का भुगतान किया जाएगा, जो सीधे उनके खातों में ऑनलाइन आएगा। इस प्रकार की योजना से मजदूरों की आय में वृद्धि होगी और उनके परिवार मजबूत होंगे।
कानूनी सलाहकार आरपी साहू ने बताया कि सरकार की नई योजना मजदूरों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। इसके लिए मैं सरकार का धन्यवाद करता हूँ।