डिब्रूगढ़ की चाय बागान की महिलाओं का भावनात्मक सफर वाराणसी और अयोध्या

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डिब्रूगढ़ की चाय बागान की महिलाओं का भावनात्मक सफर वाराणसी और अयोध्या

सारांश

असम के डिब्रूगढ़ के चाय बागान की महिलाओं ने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान अपने अनुभव साझा किए और वाराणसी के पवित्र स्थलों का दौरा किया। यह यात्रा उनके लिए एक जीवन भर की याद बन गई है।

Key Takeaways

  • महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए जो उनके लिए एक यादगार यात्रा बनी।
  • सरकार की योजनाओं ने उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया।
  • प्रधानमंत्री मोदी से मिलना उनके लिए गर्व और खुशी का क्षण था।
  • इस यात्रा ने महिलाओं को आत्म-विश्वास बढ़ाने का अवसर दिया।
  • पवित्र स्थलों का दौरा उनके लिए एक नई दुनिया का अनुभव था।

वाराणसी, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी राज्य असम में अपनी जनसभाओं के दौरान डिब्रूगढ़ के एक चाय बागान का दौरा किया। वहाँ उन्होंने विशाल चाय बागान में कार्यरत महिला श्रमिकों के एक समूह से बातचीत की। वर्तमान में, असम के ये चाय बागान श्रमिक 'भारत दर्शन' पर निकले हैं, और वे उत्तर प्रदेश के पवित्र शहरों जैसे अयोध्या और काशी का भ्रमण कर रहे हैं। कुछ महिलाएं, मोदी से संवाद करके काफी भावुक हो गईं।

महिला श्रमिकों ने डिब्रूगढ़ के चाय बागानों में अपने अनुभव साझा किए, और बताया कि यह उनके लिए एक अद्वितीय याद बन गया है।

सीमा ने कहा, "हमें बहुत अच्छा लगा। हमें अयोध्या के राम मंदिर और अन्य स्थानों पर ले जाया गया। ये जगहें हमने पहले कभी नहीं देखी थीं। केंद्र सरकार ने हमें ये अवसर दिया, इसके लिए हम आभारी हैं।"

एक अन्य महिला ने कहा, "यहां आकर सभी महिलाएं बेहद खुश हैं। उन्होंने सरकार की योजनाओं की सराहना की और कहा कि पहले हमें योजनाओं के तहत पैसे नहीं मिलते थे, लेकिन अब मिलते हैं। हमें सुविधाएं मिल रही हैं। यात्रा के दौरान अच्छे होटल में ठहरने और खाने-पीने की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है। इसके लिए हम बहुत आभार व्यक्त करना चाहते हैं। हम सभी पीएम मोदी के मेहमान हैं, हमें बहुत सम्मान दिया गया है।"

एक महिला ने मुलाकात के बारे में बताया, "जब मोदी ने हमसे पूछा कि क्या हम कभी घूमने गए हैं, तो हमने मना कर दिया। उन्होंने फिर पूछा कि क्या घूमने जाना चाहेंगे, तो हमने हां कहा। अब हम घूमने आए हैं।"

एक अन्य महिला ने कहा, "पीएम मोदी से मिलकर बहुत अच्छा लगा। पहले हम उन्हें सिर्फ टीवी और पोस्टरों में देखते थे। जब वह हमारे बागान में आए और हमारे साथ बातचीत की, तो हम खुश हुए। उन्होंने हमसे पत्ते तोड़ने के बारे में पूछा। हमने उन्हें पत्ते तोड़कर दिखाया, फिर उन्होंने भी पत्ते तोड़कर दिखाए। उन्होंने हमारी सुविधाओं के बारे में भी पूछा, जैसे आयुष्मान कार्ड और राशन कार्ड के बारे में जानकारी ली। यह हमारा असम से बाहर पहला दौरा है, इसलिए हम बहुत खुश हैं।"

एक अन्य महिला ने कहा, "पीएम मोदी के कारण हम वाराणसी आए। इसके बाद हमने अयोध्या में श्री राम जी के दर्शन किए और सरयू नदी में स्नान किया।"

Point of View

बल्कि उनसे जुड़ी सरकार की योजनाओं के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को भी उजागर किया। यह एक सशक्तिकरण की कहानी है जिसका महत्व हर भारतीय को समझना चाहिए।
NationPress
08/04/2026

Frequently Asked Questions

महिलाओं ने प्रधानमंत्री मोदी से क्या बातचीत की?
महिलाओं ने अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए और मोदी से पत्ते तोड़ने और सरकार की योजनाओं के बारे में चर्चा की।
कहाँ-कहाँ महिलाओं ने यात्रा की?
महिलाओं ने वाराणसी, अयोध्या और सरयू नदी का भ्रमण किया।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस यात्रा का उद्देश्य असम के चाय बागान की महिलाओं को नई जगहों का अनुभव कराना था।
महिलाओं ने सरकार की योजनाओं के बारे में क्या कहा?
महिलाओं ने बताया कि पहले उन्हें योजनाओं के तहत पैसे नहीं मिलते थे, लेकिन अब उन्हें सुविधाएं मिल रही हैं।
महिलाओं का इस यात्रा के प्रति क्या अनुभव रहा?
महिलाओं ने यात्रा को बहुत सुखद और यादगार बताया।
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