पश्चिम बंगाल चुनाव: तापस रॉय ने भव्य रैली के साथ नामांकन भरा
सारांश
Key Takeaways
- तापस रॉय ने भव्य रैली के साथ नामांकन भरा।
- रैली में भारी जनसमूह ने बदलाव की मांग की।
- पुलिस बल की तैनाती के बावजूद रैली शांतिपूर्ण रही।
- भाजपा के नेताओं का विश्वास है कि वे चुनाव जीतेंगे।
- राजनीतिक विश्लेषक रैली को महत्वपूर्ण मानते हैं।
कोलकाता, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के संदर्भ में राजनीतिक हलचलें तेजी से बढ़ रही हैं। इसी क्रम में कोलकाता के मानिकतला विधानसभा से भाजपा के उम्मीदवार तापस रॉय ने एक विशाल रैली के साथ नामांकन दाखिल किया। रैली में शामिल होने के लिए बुधवार सुबह से ही बागबाजार चौराहे पर पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आना शुरू हो गया था। यहीं से एक भव्य रैली आरंभ हुई, जो धीरे-धीरे शहर की प्रमुख सड़कों से होते हुए जीशॉप भवन की ओर बढ़ी।
इस जुलूस में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय नेता शामिल हुए। 'हमें बदलाव चाहिए' और 'मानिकतला में भाजपा चाहिए' जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने भाजपा के झंडे लहराए। रैली के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
उम्मीदवार तापस रॉय ने भी जुलूस में भाग लिया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का मनोबल बढ़ा। तापस रॉय ने कहा, "भारी जनसमूह की उपस्थिति दर्शाती है कि लोग बदलाव के लिए मतदान करने को तत्पर हैं। मानिकतला के लोग विकास, पारदर्शी शासन और सुरक्षा के लिए भाजपा पर भरोसा कर रहे हैं। इस क्षेत्र में टीएमसी के विधायक और ममता बनर्जी ने अन्याय किया है। लोगों को वोट देने से रोका गया, इसलिए इस बार जनता जवाब देगी।"
उत्तर कोलकाता भाजपा अध्यक्ष तमाघना घोष ने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी। उत्तर और दक्षिण कोलकाता में भाजपा के विधायक बनेंगे। चुनाव आयोग के निर्देशन में इस बार पिछली बार की तरह हिंसा नहीं होगी और शांतिपूर्ण चुनाव होंगे।"
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने कहा, "इस बार कोलकाता की सभी सात सीटें भाजपा जीतेगी और तृणमूल का सूपड़ा साफ हो जाएगा। पश्चिम बंगाल में डबल इंजन की सरकार बनेगी।"
राजनीतिक विश्लेषक नामांकन दाखिल होने से पहले शक्ति प्रदर्शन को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हैं। यह रैली भाजपा की संगठनात्मक शक्ति और क्षेत्र में बढ़ते समर्थन का संकेत देती है। तापस रॉय के नामांकन के अवसर पर रैली ने चुनावी मुकाबला और भी तेज होने का संकेत किया है।