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क्या डिजिटल इंडिया के 10 साल में भाजपा ने सफलताएं हासिल की हैं? कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए भाजपा ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं

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क्या डिजिटल इंडिया के 10 साल में भाजपा ने सफलताएं हासिल की हैं? कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए भाजपा ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं

सारांश

डिजिटल इंडिया के 10 साल पूरे होने पर भाजपा ने अपने कार्यों को उजागर किया, जबकि कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। क्या ये उपलब्धियां सच में प्रभावशाली हैं? जानिए इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

डिजिटल इंडिया मिशन ने भारत में इंटरनेट कनेक्शन की संख्या में वृद्धि की है।
5G सेवाएं सियाचिन जैसे दुर्गम क्षेत्रों तक पहुँच चुकी हैं।
यूपीआई ने छोटे व्यापारियों को सशक्त किया है।
कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहें हैं।
डिजिटल इंडिया ने गरीबों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है।

नई दिल्ली, 1 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रेस वार्ता में डिजिटल इंडिया मिशन के 10 साल पूरे होने पर केंद्र सरकार की उपलब्धियों को उजागर किया और विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया ने भारत को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी बना दिया है, जबकि कांग्रेस भ्रष्टाचार और परिवारवाद में फंसी हुई है। भंडारी ने बताया कि डिजिटल इंडिया ने देश के सभी वर्गों, विशेषकर गरीबों और मध्यम वर्ग को सशक्त किया है। आज भारत में 97 करोड़ इंटरनेट कनेक्शन हैं, जो कांग्रेस शासन के दौरान केवल 27 करोड़ थे। 95 प्रतिशत गांवों में इंटरनेट पहुँच चुका है और सियाचिन जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी 5जी सेवाएं उपलब्ध हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत 5जी रोलआउट में दुनिया में अग्रणी है और वैश्विक वित्तीय लेनदेन का 50 प्रतिशत हिस्सा भारत में होता है। यह डिजिटल इंडिया की सफलता और पीएम मोदी के विकास मॉडल की जीत है।

भंडारी ने यूपीआई को डिजिटल क्रांति का प्रतीक बताया, जिसके माध्यम से छोटे व्यापारी से लेकर आम नागरिक तक डिजिटल लेनदेन कर रहे हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने खुद स्वीकार किया था कि सरकार का एक रुपये भेजने पर गरीबों तक केवल 15 पैसे पहुँचते हैं।

कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इन राज्यों में कुर्सी की लड़ाई और भ्रष्टाचार प्राथमिकता है।

भंडारी ने कोविड वैक्सीनेशन अभियान को भी डिजिटल इंडिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि 200 करोड़ से अधिक वैक्सीन खुराकें डिजिटल कोविड पोर्टल के माध्यम से दी गईं, जिसका विपक्ष ने शुरू में विरोध किया था।

उन्होंने दावा किया कि डिजिटल इंडिया ने 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला और भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इंटरनेट मार्केट बना दिया।

कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए भंडारी ने कहा कि विपक्ष का मॉडल भ्रष्टाचार और विनाश का है, जबकि मोदी सरकार का मॉडल विकास और समावेशिता का प्रतीक है।

उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि वे अपने “शीशमहल” से बाहर निकलकर सड़क पर यूपीआई का उपयोग करने वाले रेहड़ी-पटरी वालों से बात करें, जिन्हें कांग्रेस ने कभी सशक्त नहीं माना।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि डिजिटल इंडिया मिशन ने भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत किया है और यह उपलब्धि देश के गरीबों और मध्यम वर्ग की जीत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

डिजिटल इंडिया ने निश्चित रूप से भारत को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया है। लेकिन क्या यह सच में हर वर्ग के लिए लाभकारी रहा है? इसे समझने की आवश्यकता है।
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