अनंतनाग SSP का सख्त आदेश: ड्रग कारोबारियों को नहीं मिलेगी सुरक्षा मंजूरी, 20 हॉटस्पॉट पर नार्को CASO अभियान
सारांश
Key Takeaways
- अनंतनाग SSP ने आदेश दिया कि ड्रग कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को पासपोर्ट वेरिफिकेशन, सरकारी नौकरी या कांट्रैक्टर कार्ड में सुरक्षा मंजूरी नहीं दी जाएगी।
- जिले में 20 चिह्नित हॉटस्पॉट पर नार्को CASO (घेराबंदी और तलाशी अभियान) सक्रिय हैं।
- संदिग्ध ड्रग सरगनाओं के घरों पर छापेमारी और NDPS अधिनियम के तहत अवैध संपत्तियों का सर्वे जारी।
- जांच में खुलासा हुआ कि कुछ नशा तस्कर कथित तौर पर आतंकी हैंडलर्स से जुड़े हो सकते हैं, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा है।
- ड्रग नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों का नाम लाल स्याही में दर्ज करने का निर्देश।
अनंतनाग जिले में नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 28 अप्रैल 2026 को बड़ा कदम उठाया है। अनंतनाग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने सभी फील्ड यूनिट्स को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि नशीले पदार्थों के कारोबार या किसी ड्रग सिंडिकेट से जुड़े किसी भी व्यक्ति को पासपोर्ट वेरिफिकेशन, सरकारी नौकरी, कांट्रैक्टर कार्ड या अन्य चरित्र प्रमाणन में सुरक्षा मंजूरी (Security Clearance) नहीं दी जाएगी। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब जांच के दौरान यह सामने आया है कि कुछ नशा तस्कर कथित तौर पर आतंकी हैंडलर्स से भी जुड़े हो सकते हैं।
मुख्य घटनाक्रम
अनंतनाग पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि जिले में 20 चिह्नित हॉटस्पॉट पर नार्को CASO (घेराबंदी और तलाशी अभियान) सक्रिय रूप से चलाए जा रहे हैं। संदिग्ध ड्रग सरगनाओं के घरों पर छापेमारी की जा रही है और NDPS अधिनियम के तहत जब्ती के लिए अवैध संपत्तियों का सर्वे भी जारी है।
SSP के आदेश में साफ कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति का संबंध नशा तस्करी या ड्रग नेटवर्क से पाया जाता है, तो उसे लाल स्याही में स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए और किसी भी प्रकार की सुरक्षा मंजूरी देने से इनकार किया जाए।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा खतरा
विभिन्न NDPS मामलों की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि अनंतनाग में सक्रिय कुछ नशा तस्कर और सिंडिकेट कथित तौर पर आतंकी हैंडलर्स से सीधे जुड़े हो सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह स्थिति न केवल जिले की कानून-व्यवस्था के लिए खतरा है, बल्कि इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के नज़रिए से भी गंभीरता से लिया जा रहा है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में नशे और आतंकवाद के बीच संभावित संबंध को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले भी चेतावनी दे चुकी हैं। यह अभियान उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आम जनता और युवाओं पर असर
पुलिस के अनुसार, ये आपराधिक तत्व केवल अवैध गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं — वे समाज में नशे का जाल फैलाकर युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल रहे हैं। नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित सामान की आपूर्ति से सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है और इलाके में अस्थिरता का माहौल बन रहा है।
प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा मंजूरी से इनकार करने का यह कदम नशे की सप्लाई चेन को जड़ से खत्म करने और नेटवर्क को तोड़ने के लिए अनिवार्य है।
क्या होगा आगे
अनंतनाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति या समूह इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ NDPS अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का फोकस अब ड्रग नेटवर्क की सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त करने पर है। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि अवैध संपत्तियों की जब्ती की प्रक्रिया आने वाले दिनों में और तेज़ की जाएगी।