29 सितंबर 2026
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महाराष्ट्र के युवाओं को वैश्विक रोजगार दिलाएगी सरकार: CM फडणवीस का पंडित दीनदयाल महारोजगार मेले में ऐलान

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महाराष्ट्र के युवाओं को वैश्विक रोजगार दिलाएगी सरकार: CM फडणवीस का पंडित दीनदयाल महारोजगार मेले में ऐलान

सारांश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय महारोजगार मेले में ऐलान किया कि सरकार 28 से अधिक देशों में युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार दिलाएगी। मेले में 1 लाख से अधिक पंजीकरण हुए और 61,000 युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया गया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 29 सितंबर को घोषणा की कि सरकार 28 से अधिक देशों में महाराष्ट्र के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार उपलब्ध कराएगी।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय महारोजगार मेला कोंकण और नासिक मंडल के सभी जिलों में आयोजित हुआ।
मेले में 1,00,000 से अधिक पंजीकरण ; विभाग का लक्ष्य कम से कम 70 प्रतिशत प्रतिभागियों को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ना।
61,000 युवाओं को 7 दिन का निःशुल्क रोजगार-पूर्व प्रशिक्षण दिया गया।
प्रत्येक तालुका में कम से कम तीन मिनी-रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं, जो सभी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के युवाओं के लिए खुले हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वयं साहिदा परमानिक और कांति शंभू चव्हाण को क्रेवा कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नियुक्ति पत्र सौंपे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार, 29 सितंबर को घोषणा की कि महाराष्ट्र सरकार राज्य के युवाओं को 28 से अधिक देशों में अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने यह बात मुंबई स्थित श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी (SNDT) महिला विश्वविद्यालय में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय महारोजगार मेले के ऑनलाइन उद्घाटन के अवसर पर कही। यह मेला कोंकण और नासिक मंडल के सभी जिलों को कवर करते हुए कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग द्वारा आयोजित किया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

फडणवीस ने कार्यक्रम के दौरान स्वयं साहिदा परमानिक और कांति शंभू चव्हाण को नियुक्ति पत्र सौंपे, जिन्हें क्रेवा कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने नियुक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार — ये तीनों मिलकर विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की नींव हैं। उनके शब्दों में, 'गरीबी मुक्त, बेरोजगारी मुक्त और रोग मुक्त भारत' के सपने को साकार करने के लिए इसी त्रिपक्षीय रणनीति पर पारिस्थितिकी तंत्र खड़ा करना होगा।

कौशल विकास पर जोर

फडणवीस ने रेखांकित किया कि केवल डिग्री हासिल करना आज के दौर में पर्याप्त नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तेजी से बदलती प्रौद्योगिकियों के साथ कदम मिलाने के लिए निरंतर कौशल उन्नयन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि देश की 65 प्रतिशत आबादी सक्रिय युवा कार्यबल है, और यह जनसांख्यिकीय लाभांश तभी सार्थक होगा जब युवाओं को वैश्विक बाजार के अनुकूल तैयार किया जाए।

यह ऐसे समय में आया है जब देश में कुशल मानव संसाधनों की माँग और उपलब्ध कार्यबल की गुणवत्ता के बीच की खाई को लेकर व्यापक चर्चा जारी है। गौरतलब है कि वैश्विक स्तर पर 28 से अधिक देशों में भारतीय कुशल कामगारों की माँग बढ़ रही है, जिसे सरकार एक अवसर के रूप में भुनाना चाहती है।

मंत्री लोढ़ा की घोषणाएँ

कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में ये पहल अब केवल आईटीआई छात्रों तक सीमित नहीं रहीं। सभी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के युवाओं के लिए प्रत्येक तालुका में कम से कम तीन मिनी-रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं।

लोढ़ा ने बताया कि विभाग ने सात दिनों का निःशुल्क रोजगार-पूर्व प्रशिक्षण प्रदान किया, जिससे 61,000 युवा पुरुषों और महिलाओं को सीधा लाभ मिला। इस मेले के लिए 1,00,000 से अधिक पंजीकरण हुए और विभाग का लक्ष्य कम से कम 70 प्रतिशत प्रतिभागियों को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ना है।

आम जनता पर असर

कोंकण और नासिक मंडल के युवाओं के लिए यह मेला रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार खोलने का प्रयास है। रोजगार मेलों को 'दोनों पक्षों — उद्यमी और युवा — को जोड़ने वाला सेतु' बताते हुए फडणवीस ने कहा कि उद्यमियों को कुशल मानव संसाधन चाहिए और युवाओं को अवसर — यह मंच दोनों की जरूरत पूरी करता है।

क्या होगा आगे

सरकार की योजना है कि इस तरह के रोजगार मेलों का विस्तार राज्य के अन्य मंडलों तक भी किया जाए। अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर दिलाने के लिए सरकार वैश्विक भर्तीकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले समय में तालुका स्तर पर मिनी-रोजगार मेलों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली कसौटी क्रियान्वयन में होगी — 28 देशों में भेजे गए कामगारों की संख्या, उनके वेतन स्तर और कार्य परिस्थितियों का सत्यापन-योग्य ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है। 1 लाख पंजीकरण और 70 प्रतिशत रोजगार का लक्ष्य प्रभावशाली लगता है, पर पिछले ऐसे मेलों में 'प्लेसमेंट' और 'वास्तविक नियुक्ति' के बीच का अंतर अक्सर आँकड़ों में छुप जाता है। AI, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग में कौशल की बात सही दिशा में है, लेकिन सात दिन के निःशुल्क प्रशिक्षण से इन क्षेत्रों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कार्यबल बनाना संभव नहीं — इसके लिए दीर्घकालिक संस्थागत ढाँचे की जरूरत है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंडित दीनदयाल उपाध्याय महारोजगार मेला क्या है?
यह महाराष्ट्र सरकार के कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग द्वारा आयोजित रोजगार मेला है, जो कोंकण और नासिक मंडल के सभी जिलों के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए आयोजित किया गया। इस मेले में 1 लाख से अधिक पंजीकरण हुए और 61,000 युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण मिला।
CM फडणवीस ने किन देशों में रोजगार दिलाने की बात कही है?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विश्व स्तर पर 28 से अधिक देशों में मानव संसाधनों की भारी माँग है और सरकार महाराष्ट्र के युवाओं को इन देशों में अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर दिलाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। हालाँकि, किन विशेष देशों में अवसर होंगे, इसका विस्तृत ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।
इस रोजगार मेले से कितने युवाओं को फायदा होगा?
विभाग का लक्ष्य मेले में पंजीकृत कम से कम 70 प्रतिशत प्रतिभागियों को रोजगार या स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है। इसके अलावा, 61,000 युवाओं को पहले ही सात दिन का निःशुल्क रोजगार-पूर्व प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
मिनी-रोजगार मेले किसके लिए हैं और कहाँ होंगे?
मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के अनुसार, मिनी-रोजगार मेले सभी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के युवाओं के लिए हैं — केवल आईटीआई छात्रों के लिए नहीं। प्रत्येक तालुका में कम से कम तीन मिनी-रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं।
यह रोजगार मेला किस अभियान के तहत आयोजित हुआ?
मुख्यमंत्री फडणवीस के अनुसार, यह मेला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित किया गया। यह आयोजन SNDT महिला विश्वविद्यालय, मुंबई में हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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