क्या आतिशी विधानसभा में रहने के लायक नहीं हैं? फतेह जंग बाजवा का बयान
सारांश
Key Takeaways
- फतेह जंग बाजवा ने आतिशी पर तीखा हमला किया।
- उन्होंने कहा कि ऐसे लोग विधानसभा में नहीं रह सकते।
- मनरेगा में काम की कमी की समस्या पर चर्चा की।
- सरकार ने सुधारों की बात की है।
- आतिशी की सदस्यता रद्द करने की मांग की गई है।
चंडीगढ़, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब बीजेपी के नेता फतेह जंग बाजवा ने दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी पर तीखा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि आतिशी, जो पहले दिल्ली की सीएम थीं, विधानसभा में इस प्रकार की भाषा कैसे बोल सकती हैं?
फतेह जंग बाजवा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि कैसे आतिशी विधानसभा में दिल्ली की सीएम के सामने इस तरह के शब्दों का प्रयोग कर सकती हैं, यह उनके बयान से स्पष्ट होता है। उनकी सोच अत्यंत सीमित है। ऐसे व्यक्तियों को चुनाव में नहीं चुनना चाहिए। वे विधानसभा में रहने के योग्य नहीं हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आतिशी को यह भी नहीं पता कि वे क्या कह रही हैं। भाजपा के विधायकों ने स्पीकर को पत्र लिखकर कहा है कि उनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए। मैं इस बात से सहमत हूं कि आतिशी जैसे लोग विधानसभा में नहीं रहने चाहिए। उनकी सोच छोटी है और ये लोग पंजाब के लिए एक बोझ हैं।
फतेह जंग बाजवा ने कहा कि विपक्षी दल मनरेगा पर राजनीति कर रहे हैं। जब कृषि मंत्री हमारे क्षेत्र में आए थे, तो मनरेगा के यूनियन के लोग उनसे मिले थे। उन्होंने बताया कि काम नहीं मिलता और सच्चाई यह है कि सौ दिन के बजाय केवल 29 दिन काम मिला। 1500 करोड़ का पैसा सरकार के पास आता था, वह पैसा कहाँ जाता था?
उन्होंने कहा कि अब सरकार ने इस मामले में सुधार किया है, जिससे विपक्ष को समस्या हो गई है। पहले 100 दिन काम की गारंटी थी, लेकिन अब 125 दिन की गारंटी दी जाएगी। खेती को ध्यान में रखते हुए 2 महीने में मजदूरों को छुट्टी देने की भी बात की गई है। ऐसे कई लोग थे जो काम दूसरों से करवाते थे और पैसा खुद लेते थे। इस संबंध में सरकार ने कानून भी बनाया है। अब जो काम करेगा, पैसा सीधे उसी के खाते में जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने वास्तव में अच्छा कार्य किया है। ये लोग किस चीज का विरोध कर रहे हैं? अगर उन्हें कुछ नहीं मिला तो वे नाम को लेकर विवाद कर रहे हैं। सरकार ने केवल यह किया है कि 125 दिन काम मिलेगा और जो काम करेगा, उसके खाते में पैसा जाएगा।