क्या फिजी के प्रधानमंत्री राबुका की भारत यात्रा से भारत-फिजी संबंध मजबूत होंगे?

सारांश
Key Takeaways
- राबुका की भारत यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिलेगी।
- स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं बढ़ेंगी।
- भारत और फिजी के बीच उच्च स्तरीय राजनीतिक संपर्क बनाए रखने की प्रतिबद्धता।
नई दिल्ली, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी लिगामामादा राबुका अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर भारत आए हैं। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया का 'बॉस' बताने के लिए जाना जाता है। राबुका रविवार को दिल्ली पहुंचे, जहां केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने उनका स्वागत किया।
प्रधानमंत्री राबुका के साथ उनकी पत्नी सुलुएती राबुका भी हैं। उनके प्रतिनिधिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री रातू अटोनियो लालबालावु और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राबुका के आगमन की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, "फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका का स्वागत है। उनकी यात्रा विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को और गहरा करेगी।"
इस यात्रा के दौरान, फिजी के पीएम सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता करेंगे। मोदी द्वारा राबुका के लिए लंच का आयोजन किया जाएगा, उसके बाद वे भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू ने अगस्त २०२४ में फिजी का दौरा किया था।
विदेश मंत्रालय का मानना है कि यह यात्रा भारत और फिजी के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को उजागर करती है। यह द्विपक्षीय संबंधों को सभी क्षेत्रों में मजबूत करने और लोगों के बीच संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और फिजी ने जुलाई २०२५ में सुवा, फिजी में विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) का छठा दौर आयोजित किया था। इस दौरान दोनों देशों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय की सचिव (दक्षिण) नीना मल्होत्रा ने किया, जबकि फिजी की ओर से स्थायी सचिव राइजेली टागा ने प्रतिनिधित्व किया। दोनों पक्षों ने उच्च स्तरीय राजनीतिक संपर्क बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।