फ्लाईदुबई विमान हादसे की यूएई करेगा गहन जांच, आतंकी साजिश की आशंका भी जाँच में शामिल
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 1 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि फ्लाईदुबई के विमान से जुड़ी गंभीर घटना की विस्तृत जांच उसके न्यायिक अधिकारी करेंगे, भले ही यह घटना यूएई की सीमाओं के बाहर हुई हो। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव जा रहे इस विमान को कथित तौर पर क्रैश कराने की कोशिश के बाद रास्ता बदलकर सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।
घटना का मुख्य घटनाक्रम
फ्लाईदुबई का यह विमान दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान फ्लाइट डेक में कहा सुनी हुई, जिसके बाद विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के क्रू सदस्यों को हस्तक्षेप करना पड़ा और विमान को सुरक्षित करना पड़ा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विमान को कथित तौर पर क्रैश कराने की कोशिश करने वाला पायलट ओमान का नागरिक बताया जा रहा है।
आखिरकार विमान का रास्ता बदलकर उसे सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर उतारा गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व क्षेत्र में विमानन सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएं बनी हुई हैं।
यूएई का आधिकारिक बयान
गुरुवार को संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय (एमओएफए) ने एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी प्रकाशित किया गया। बयान के अनुसार, यूएई के अटॉर्नी जनरल, काउंसलर डॉ. हमद अल शम्सी ने घटना की परिस्थितियों और कारणों की जांच के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के विशेष सदस्यों की एक टीम बनाने का आदेश दिया है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि चूँकि विमान यूएई में पंजीकृत है और उस पर यूएई का ध्वज अंकित है, इसलिए कानून के तहत घटना की जांच करने का अधिकार यूएई के न्यायिक अधिकारियों के पास है। मंत्रालय के बयान के अनुसार, "विमान में हुए अपराधों पर यूएई का कानून लागू होता है, भले ही वे देश की सीमा के बाहर हुए हों।"
आतंकी साजिश की आशंका भी जांच में शामिल
एमओएफए ने बताया कि जांच के दौरान घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। इसमें आतंकी साजिश, पूर्व नियोजित योजना या किसी आतंकी संगठन के निर्देशों पर काम करने की आशंका को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। गौरतलब है कि यह किसी वाणिज्यिक विमान को निशाना बनाने का अत्यंत गंभीर मामला है, जिसमें सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
यूएई ने इस घटना को संभालने और सहयोग प्रदान करने के लिए सऊदी अरब के अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया है।
अफवाहों से बचने की अपील
एमओएफए ने जनता और मीडिया से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी और बयानों पर ही भरोसा करें। मंत्रालय ने जांच पूरी होने और नतीजे घोषित होने तक अटकलों या अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचने पर जोर दिया है।
आगे क्या होगा
यूएई की पब्लिक प्रॉसिक्यूशन की विशेष टीम अब घटना की सभी परिस्थितियों की जांच करेगी। इस जांच के नतीजे न केवल इस मामले की दिशा तय करेंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा के नजरिए से भी महत्वपूर्ण होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आतंकी साजिश की पुष्टि होती है, तो यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।