29 सितंबर 2026
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दो घंटे में दो हादसे: रतलाम में 4 की मौत, 8 घायल

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दो घंटे में दो हादसे: रतलाम में 4 की मौत, 8 घायल

सारांश

रतलाम में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सुबह दो घंटे के भीतर दो कारें डिवाइडर से टकराकर 30-40 फीट गहरी खाई में गिरीं। पंजाब और गुजरात के दो परिवारों के चार लोगों की मौत, आठ घायल। पहली दुर्घटना में क्षतिग्रस्त रेलिंग दूसरे हादसे की वजह बनी — सड़क बुनियादी ढाँचे पर सवाल।

मुख्य बातें

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रतलाम जिले में 29 सितंबर 2026 की सुबह दो घंटे में दो दुर्घटनाएँ हुईं।
कुल 4 लोगों की मौत और 8 घायल ; दोनों कारें 30-40 फीट गहरी खाई में गिरीं।
पहली दुर्घटना सुबह 4:30 बजे — पंजाब की नरेंद्र कौर (67) और मनप्रीत कौर (32) की मौत।
दूसरी दुर्घटना सुबह 6:30 बजे — दाहोद के रवि हटिला (35) और रमेश मकवाना (50) की मौत।
पहले हादसे में डिवाइडर रेलिंग क्षतिग्रस्त हुई, जो दूसरे हादसे में और बड़े खतरे का कारण बनी।
पुलिस ने सड़क बुनियादी ढाँचे की स्थिति समेत दोनों दुर्घटनाओं की जाँच शुरू की।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में 29 सितंबर 2026 की सुबह लगभग दो घंटे के अंतराल में हुई दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। दोनों वाहन डिवाइडर से टकराने के बाद 30-40 फीट गहरी खाई में जा गिरे, जिससे बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।

पहली दुर्घटना: पंजाब परिवार की कार खाई में

पहला हादसा सुबह लगभग 4:30 बजे हुआ, जब हरियाणा के अंबाला से मुंबई की ओर जा रहे पंजाब के एक परिवार की कार जावरा औद्योगिक पुलिस स्टेशन के क्षेत्र में आने वाले आठ लेन के एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर की रेलिंग से टकरा गई। वाहन ने रेलिंग का एक हिस्सा तोड़ते हुए खाई में छलांग लगा दी।

इस दुर्घटना में नरेंद्र कौर (67) और उनकी बहू मनप्रीत कौर (32), दोनों पंजाब की निवासी, की मौके पर ही मृत्यु हो गई। एक बुजुर्ग व्यक्ति और दो बच्चों सहित तीन अन्य लोग घायल हुए। जावरा औद्योगिक पुलिस स्टेशन के प्रभारी प्रकाश गडरिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि तेज गति से गाड़ी चलाते समय चालक को नींद आ गई होगी, जिससे उसने वाहन पर नियंत्रण खो दिया।

दूसरी दुर्घटना: क्षतिग्रस्त रेलिंग बनी जानलेवा

पुलिसकर्मी पहली दुर्घटना की जाँच में जुटे ही थे कि सुबह करीब 6:30 बजे उसी स्थान के निकट दूसरा हादसा हो गया। गुजरात के दाहोद से आ रहे एक परिवार की कार कथित तौर पर डिवाइडर से टकराने के बाद हवा में उछलकर खाई में जा गिरी। पहली दुर्घटना में रेलिंग पहले से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, जिससे दूसरे वाहन के लिए खतरा और बढ़ गया था।

इस दूसरे हादसे में रवि हटिला (35) और रमेश मकवाना (50), दोनों दाहोद निवासी, की मौत हो गई। गाड़ी में सवार चार से पाँच अन्य लोग घायल हो गए। गडरिया ने बताया कि यह परिवार उत्तर प्रदेश में चिकित्सा उपचार के बाद दाहोद लौट रहा था।

बचाव और उपचार

अन्य वाहन चालकों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची और घायलों को पहले जावरा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायलों को बाद में आगे के इलाज के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। दोनों दुर्घटनाओं में वाहन गहरी खाई में गिरे होने के कारण बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

जाँच के दायरे में सड़क का बुनियादी ढाँचा

पुलिस ने दोनों दुर्घटनाओं की परिस्थितियों की जाँच शुरू कर दी है। जाँच के दायरे में सड़क की रेलिंग व डिवाइडर की स्थिति, वाहन की गति और चालकों के नियंत्रण खोने के कारण शामिल हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रात और तड़के की यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। आलोचकों का कहना है कि हाईवे पर पर्याप्त चेतावनी संकेतों और आपातकालीन बैरियर की कमी इन हादसों को और घातक बना देती है। जाँच के नतीजे सड़क सुरक्षा नीति पर आगे की कार्रवाई तय कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह व्यवस्था की विफलता का संकेत है। पहली दुर्घटना में रेलिंग टूटने के बावजूद तत्काल मरम्मत या चेतावनी नहीं लगाई गई, जिसने दूसरे हादसे को आमंत्रित किया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर तड़के की यात्रा में नींद और तेज गति के संयोजन से बड़े हादसों का सिलसिला थमा नहीं है, फिर भी रात्रि-गश्त और आपातकालीन बैरियर प्रबंधन पर कोई ठोस नीति नहीं दिखती। जाँच यदि केवल चालक की लापरवाही पर केंद्रित रही और सड़क अवसंरचना की जवाबदेही तय नहीं हुई, तो ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रतलाम में क्या हुआ?
29 सितंबर 2026 की सुबह मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दो घंटे के अंतराल में दो सड़क दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें चार लोगों की मौत और आठ घायल हुए। दोनों कारें डिवाइडर से टकराकर 30-40 फीट गहरी खाई में जा गिरीं।
दुर्घटनाओं में किन लोगों की मौत हुई?
पहली दुर्घटना में पंजाब की नरेंद्र कौर (67) और उनकी बहू मनप्रीत कौर (32) की मौत हुई। दूसरी दुर्घटना में गुजरात के दाहोद के रवि हटिला (35) और रमेश मकवाना (50) की जान गई।
दूसरी दुर्घटना क्यों हुई जबकि पुलिस पहले से मौजूद थी?
पुलिस के अनुसार, पहली दुर्घटना में डिवाइडर की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई थी। जब पुलिसकर्मी उसी स्थान का निरीक्षण कर रहे थे, तभी दाहोद से आ रही दूसरी कार उसी क्षतिग्रस्त डिवाइडर से टकराकर खाई में गिर गई।
घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
घायलों को पहले जावरा के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को आगे के इलाज के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
पुलिस इन दुर्घटनाओं की जाँच किन पहलुओं पर कर रही है?
जावरा औद्योगिक पुलिस स्टेशन ने दोनों दुर्घटनाओं की जाँच शुरू की है, जिसमें सड़क की रेलिंग व डिवाइडर की स्थिति, वाहन की गति और चालकों के नियंत्रण खोने के कारणों की जाँच शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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