क्या जी-7 देशों ने ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौत पर चिंता जताई है?
सारांश
Key Takeaways
- जी-7 देशों ने ईरान के प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार की निंदा की है।
- तेहरान के खिलाफ कठोर कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।
- ईरान में बिगड़ती आर्थिक स्थिति के कारण प्रदर्शन हो रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का उल्लंघन किया जा रहा है।
ओटावा, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सात प्रमुख वैश्विक शक्तियों के समूह जी-7 के विदेश मंत्रियों और यूरोपीय संघ के उच्च अधिकारियों ने ईरान की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संदर्भ में, जी-7 देशों ने ईरानी अधिकारियों द्वारा सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर किए जा रहे अत्याचार की कड़ी निंदा की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई जारी रहती है, तो वे तेहरान के खिलाफ और कठोर कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
जी-7 संगठन में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। इन राष्ट्रों के मंत्रियों और यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि ने एक संयुक्त बयान में कहा, "वे ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं।"
बयान में कहा गया है, "हम ईरानी अधिकारियों द्वारा ईरानी लोगों पर उनके बेहतर जीवन, गरिमा और स्वतंत्रता के लिए साहसपूर्वक आवाज उठाने पर किए जा रहे क्रूर दमन की कड़ी निंदा करते हैं, जो दिसंबर 2025 के अंत से जारी है।"
बयान में आगे कहा गया है, "हम विरोध प्रदर्शनों पर हमलों, मनमानी गिरफ्तारी और सुरक्षा बलों द्वारा डराने-धमकाने की रणनीतियों की कड़ी आलोचना करते हैं। हम ईरानी अधिकारियों से संयम बरतने, हिंसा से बचने और ईरान के नागरिकों के मानवाधिकारों और बुनियादी स्वतंत्रताओं का सम्मान करने की अपील करते हैं, जिसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सूचना प्राप्त करने और साझा करने का अधिकार, शांतिपूर्वक एकत्र होने और संघ बनाने की स्वतंत्रता शामिल है।"
कनाडा और जापान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, जी-7 के सदस्य देशों ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान प्रदर्शनों और असहमति पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का उल्लंघन करता रहा, तो वे अतिरिक्त प्रतिबंधात्मक उपाय लागू करने के लिए तैयार हैं।
गौरतलब है कि ईरान में दिसंबर के अंत से बिगड़ती आर्थिक स्थिति और अपनी करेंसी रियाल की कीमत में गिरावट को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। हिंसा के दौरान हजारों लोगों के मारे जाने की सूचनाएं मिली हैं।