पश्चिम बंगाल: गाइघाटा में 13 वर्षीय छात्रा का शव फंदे पर मिला, परिवार ने दुष्कर्म व ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के गाइघाटा इलाके में 3 अक्टूबर 2026 को उस वक्त तनाव का माहौल बन गया, जब आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक 13 वर्षीय छात्रा का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला। परिवार का आरोप है कि 32 वर्षीय एक स्थानीय युवक ने नाबालिग के साथ यौन शोषण किया और उसे ब्लैकमेल किया, जिसकी वजह से वह मानसिक रूप से टूट गई।
घटनाक्रम: कैसे सामने आई यह दर्दनाक खबर
शुक्रवार की रात परिवार के सदस्यों ने लड़की को घर के भीतर फंदे से लटकी अवस्था में पाया। सूचना मिलते ही गाइघाटा पुलिस मौके पर पहुँची, शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस के अनुसार, मृत्यु की वास्तविक परिस्थितियों की पड़ताल जारी है और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
परिवार के गंभीर आरोप
परिवार के मुताबिक, लड़की कथित तौर पर करीब एक साल से उस युवक के संपर्क में थी। परिवार का आरोप है कि कुछ महीने पहले युवक ने उसे अपने घर बुलाया, जहाँ उसकी माँ ने लड़की को एक कमरे में ले जाकर बाहर से दरवाज़ा बंद कर दिया और कमरे के अंदर नाबालिग के साथ यौन शोषण किया गया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि युवक ने आपत्तिजनक तस्वीरों और वीडियो के ज़रिए लड़की को लगातार ब्लैकमेल किया। लड़की की माँ के अनुसार, आरोपी इन सामग्रियों का उपयोग कर उनकी बेटी को बार-बार मिलने के लिए मजबूर करता था और मना करने पर सामग्री वायरल करने की धमकी देता था।
लड़की के पिता ने बताया कि परिवार को शुरुआत में उस युवक के साथ उनकी बेटी के संपर्क की जानकारी नहीं थी। जब पता चला तो उन्होंने बेटी को उससे दूर रहने की हिदायत दी, लेकिन आरोप है कि युवक ने संपर्क बनाए रखा और कथित तौर पर एसिड हमले की धमकी भी दी।
परिवार का एक और गंभीर आरोप यह है कि युवक के घर पर लड़की को जबरदस्ती शंख की चूड़ियाँ पहनाई गईं और सिंदूर लगाया गया। परिजनों के अनुसार, इस 'कथित विवाह' के लिए लड़की की कोई सहमति नहीं थी और बाद में उसकी माँ उसे घर वापस ले आई।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच की स्थिति
लड़की की मौत के बाद परिवार ने गाइघाटा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई और आरोपी के खिलाफ कड़ी सज़ा की माँग की। पुलिस ने पुष्टि की है कि शिकायत के आधार पर जाँच शुरू कर दी गई है। आरोपों की सत्यता, मृत्यु की परिस्थितियाँ और परिवार के अन्य दावों की स्वतंत्र रूप से पड़ताल की जा रही है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
आम जनता और समाज पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में नाबालिगों के खिलाफ अपराध और साइबर ब्लैकमेलिंग के मामलों को लेकर पहले से चिंता व्याप्त है। गाइघाटा क्षेत्र में इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। गौरतलब है कि नाबालिगों से जुड़े यौन शोषण और डिजिटल ब्लैकमेलिंग के मामलों में POCSO अधिनियम के तहत कड़ी सज़ा का प्रावधान है।
क्या होगा आगे
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अपनी जाँच की दिशा तय करेगी। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ POCSO, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की संभावना है। न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस की जाँच मिलकर यह तय करेगी कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।