क्या गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति का जश्न मनाने के लिए ये वॉर फिल्में देखी जा सकती हैं?

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क्या गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति का जश्न मनाने के लिए ये वॉर फिल्में देखी जा सकती हैं?

सारांश

गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति का जश्न मनाते हुए, आइए हम देखें कि कैसे बॉलीवुड की वॉर फिल्में हमारे सैनिकों की वीरता और बलिदान को सम्मानित करती हैं। 'बॉर्डर' से लेकर 'इक्कीस' तक, ये फिल्में दर्शकों को भावनात्मक और रोमांचक अनुभव प्रदान करती हैं।

Key Takeaways

  • गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति का जश्न मनाने के लिए बॉलीवुड की वॉर फिल्में बेहतरीन विकल्प हैं।
  • 'बॉर्डर' और 'एलओसी कारगिल' जैसी फिल्में सैनिकों के बलिदान को दिखाती हैं।
  • उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक और 'शेरशाह' जैसी फिल्में नई पीढ़ी को प्रेरित करती हैं।
  • 'इक्कीस' फिल्म में युद्ध के दर्द और संघर्ष को दर्शाया गया है।
  • इन फिल्मों को परिवार के साथ देखना एक बेहतरीन अनुभव है।

मुंबई, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गणतंत्र दिवस का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और देशभक्ति का प्रतीक है। इस दिन हम उन वीर सैनिकों को याद करते हैं, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सीमाओं की रक्षा की। बॉलीवुड की फिल्मों में युद्ध के कठिन हालात, सेना के साहस और बलिदान की कहानियां शानदार तरीके से प्रदर्शित की गई हैं, जो दर्शकों को रोमांचित करने के साथ-साथ भावुक भी करती हैं। इसी क्रम में कई वॉर-ड्रामा फिल्में हैं, जिन्हें गणतंत्र दिवस पर अपने परिवार के साथ देखना एक बेहतरीन अनुभव साबित होता है।

'बॉर्डर' - साल 1997 में जेपी दत्ता की फिल्म 'बॉर्डर' रिलीज हुई थी, जिसे बॉलीवुड में एक कल्ट क्लासिक माना जाता है। यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान राजस्थान के लोंगेवाला पोस्ट की कहानी बताती है, जहां 120 भारतीय सैनिक अपनी पोस्ट की रक्षा करते हैं। फिल्म में सनी देओल, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ और अक्षय खन्ना जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में थे। युद्ध के बीच सैनिकों की हिम्मत, दोस्ती और देशभक्ति का जज्बा बड़े ही रोमांचक अंदाज में पर्दे पर दिखाई गई। 'बॉर्डर' ने दर्शकों को भावुक किया और उस साल की बड़ी हिट भी रही। इस कड़ी में बीते शुक्रवार इसकी सीक्वल 'बॉर्डर 2' रिलीज हुई। इसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहन शेट्टी ने आर्मी, नेवी और एयरफोर्स ऑफिसर्स की भूमिका निभाई है।

'एलओसी कारगिल' — साल 2003 में जेपी दत्ता ने एक और वॉर-ड्रामा फिल्म 'एलओसी कारगिल' बनाई थी। यह फिल्म भारतीय सेना के ऑपरेशन विजय पर आधारित थी। इसमें संजय दत्त, अभिषेक बच्चन और अजय देवगन जैसे कलाकार शामिल थे। फिल्म ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया। इसमें कारगिल युद्ध की कठिनाइयों और सैनिकों की बहादुरी को बड़े प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया।

'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' — 2019 में आई 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' एक नई तरह की वॉर फिल्म थी। आदित्य धर ने इस फिल्म का लेखन और निर्देशन किया। यह 2016 में पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित थी। विक्की कौशल ने मेजर विहान सिंह शेरगिल का किरदार निभाया और फिल्म ने अपने रिलीज के समय काफी चर्चा बटोरी। इसे दर्शकों ने न केवल पसंद किया, बल्कि यह साल की सबसे हिट फिल्मों में से एक बन गई।

'शेरशाह': साल 2021 में सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'शेरशाह' रिलीज हुई। यह मेजर विक्रम बत्रा की बायोपिक थी, जिन्होंने कारगिल युद्ध में देश के खातिर अपनी जान दे दी थी। फिल्म के जरिए दर्शकों को उनकी बहादुरी और देशभक्ति का अनुभव कराया गया। विष्णुवर्धन द्वारा निर्देशित यह फिल्म न केवल भावनाओं को छूती है, बल्कि दर्शकों में देशभक्ति की भावना भी भर देती है।

'इक्कीस': साल 2026 की शुरुआत में आई 'इक्कीस' फिल्म में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभाई। यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और परमवीर चक्र विजेता अरुण खेत्रपाल के बलिदान पर आधारित थी। यह धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म थी। 'इक्कीस' केवल युद्ध की कहानी नहीं बताती, बल्कि युद्ध के दर्द, सैनिकों के संघर्ष और उनके साहस को भी दर्शाती है।

Point of View

जो हमें गर्व महसूस कराती हैं।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

गणतंत्र दिवस पर कौन सी फिल्में देखी जा सकती हैं?
गणतंत्र दिवस पर 'बॉर्डर', 'एलओसी कारगिल', 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक', 'शेरशाह', और 'इक्कीस' जैसी फिल्में देखी जा सकती हैं।
क्या 'बॉर्डर' फिल्म के बारे में कुछ बताएं?
'बॉर्डर' 1997 में रिलीज हुई थी और यह 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान की कहानी पर आधारित है।
'इक्कीस' फिल्म किस पर आधारित है?
'इक्कीस' फिल्म सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के बलिदान और 1971 के युद्ध पर आधारित है।
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