क्या गणतंत्र दिवस पर किसान भाइयों में दिखा उत्साह? : शिवराज सिंह चौहान
सारांश
Key Takeaways
- गणतंत्र दिवस पर किसानों की भागीदारी ने उत्सव को और भी खास बना दिया।
- शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को सम्मानित करने का निर्णय लिया।
- किसानों को कृषि में प्रशिक्षित करने के प्रयास जारी हैं।
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति जारी है।
- किसानों का उत्साह राष्ट्रभक्ति की भावना को जगाता है।
नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि गणतंत्र दिवस के इस महत्वपूर्ण अवसर पर देशभर के किसान कर्तव्य पथ पर उपस्थित हुए। उन्होंने गणतंत्र दिवस का उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस दौरान सभी लोग खासा उत्साहित नजर आए और किसान भाइयों ने विभिन्न प्रकार के विशेष कार्यक्रमों में भाग लिया।
शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने किसान भाइयों को कृषि क्षेत्र में कुशल बनाने के लिए कई प्रकार की ट्रेनिंग प्रदान की। पहले इस प्रकार से किसानों को आमंत्रित नहीं किया जाता था, लेकिन अब हम किसानों को प्राथमिकता देते हैं। इस विशेष अवसर पर कई किसानों को सम्मानित भी किया गया। प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में कृषि क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी व्यक्तियों को सम्मानित किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कर्तव्य पथ पर वंदे मातरम की प्रस्तुति के बाद ऐसा लगा कि जैसे पूरा देश एकजुट हो गया। भिन्न भाषाएं, भिन्न परिधान, फिर भी एक देश की भावना का अनुभव हुआ जिसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता। इस प्रकार से एक बार फिर से राष्ट्रभक्ति का जज्बा सभी भारतीयों में प्रज्वलित हो गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसान भाई हमारे अतिथि हैं। कृषि हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा हैं। किसान भाइयों ने गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम को उत्साह के साथ देखा और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया।
उन्होंने बताया कि चार किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को पुरस्कार मिले हैं। हम इसका दिल से सम्मान करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व में विकास पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि आज हमारा देश दुहरी गति से प्रगति कर रहा है।