जयराम ठाकुर का राहुल गांधी पर हमला: 'गांधी परिवार को ढोना कांग्रेस की मजबूरी, देश की नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने 13 अक्टूबर 2026 को मंडी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। ठाकुर ने कहा कि गांधी परिवार को आगे बढ़ाना कांग्रेस की राजनीतिक मजबूरी हो सकती है, परंतु यह देश की मजबूरी नहीं है।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद की इच्छा में चुनाव आयोग, सर्वोच्च न्यायालय और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के विरुद्ध लगातार आक्रामक रुख अपनाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'संविधान की किताब हाथ में लेकर शपथ लेना और संवैधानिक संस्थाओं का वास्तविक सम्मान करना — ये दो अलग-अलग बातें हैं।' ठाकुर के अनुसार, राहुल गांधी का व्यवहार उन टिप्पणियों के संदर्भ में भी सवालों के घेरे में है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अराजकता फैलाने की कोशिश करने वाली सोच को लेकर की हैं।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर ज़ोर
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि वह चुनाव लड़कर और जनादेश हासिल करके इस पद तक पहुँचे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सत्ता का रास्ता चुनावी जीत से होकर गुजरता है — संवैधानिक संस्थाओं के विरुद्ध विरोध या विवाद खड़ा करने से नहीं। ठाकुर ने कहा कि यदि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनना है, तो उन्हें जनता का विश्वास चुनावी मैदान में जीतकर अर्जित करना होगा।
गांधी परिवार और कांग्रेस पर निशाना
जयराम ठाकुर ने राहुल गांधी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सत्ता हासिल करने में लगातार असफलता के कारण उनकी निराशा स्पष्ट रूप से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं द्वारा गांधी परिवार का समर्थन पार्टी की आंतरिक मजबूरी हो सकती है, लेकिन देश की जनता किसी एक परिवार को सत्ता सौंपने के लिए बाध्य नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट प्रवेश विवाद
ठाकुर ने सर्वोच्च न्यायालय में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले को आधार बनाते हुए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश की जनता इन घटनाओं को ध्यान से देख रही है और कांग्रेस के कुछ समर्थकों का इस पर खुश होना पूरे देश की भावना का प्रतिनिधित्व नहीं करता। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते रहे हैं।
आगे की राजनीति
ठाकुर की यह टिप्पणी हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राजनीतिक सक्रियता का हिस्सा मानी जा रही है। गौरतलब है कि राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और विपक्षी BJP के बीच सियासी तनाव लगातार बना हुआ है। ऐसे बयान आगामी राजनीतिक समीकरणों को किस दिशा में ले जाते हैं, यह देखने वाली बात होगी।