बिलासपुर: गरबा वेशभूषा में सिगरेट-पिस्टल वाला वायरल वीडियो पड़ा भारी, 9 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बिलासपुर पुलिस ने 9 अक्टूबर 2026 को गरबा की पारंपरिक वेशभूषा में सिगरेट पीते हुए और पिस्टलनुमा वस्तु का प्रदर्शन करते हुए सोशल मीडिया पर प्रचारात्मक वीडियो प्रसारित करने के मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वीडियो को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज शिकायत पर भारतीय संस्कृति और धार्मिक भावनाओं के विरुद्ध माना गया है।
क्या था वायरल वीडियो में
एक महिला और उसके सहयोगियों ने गरबा नृत्य की पोशाक पहनकर सिगरेट का सेवन करते हुए और हाथ में पिस्टल जैसी वस्तु लिए हुए इंस्टाग्राम और फेसबुक पर वीडियो पोस्ट किया था। यह वीडियो कथित तौर पर गरबा टिकट और मेकअप के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से बनाया गया था।
वीडियो में सांस्कृतिक प्रतीकों के साथ अशोभनीय सामग्री के महिमामंडन की आशंका जताई गई, जिसे समाज में — विशेषकर युवाओं पर — नकारात्मक प्रभाव डालने वाला बताया गया। शिकायत मिलने के बाद बिलासपुर पुलिस ने वीडियो साक्ष्यों के आधार पर तुरंत कार्रवाई शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई
बिलासपुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू की। इस मामले में कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
इसके अलावा, सभी आरोपियों के खिलाफ दंडात्मक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें अधिकतम राशि से बाउंड ओवर (मुचलका) भी कराया जा रहा है। गौरतलब है कि नवरात्रि के उत्सव काल में इस तरह की घटनाएँ धार्मिक संवेदनशीलता को और अधिक उजागर करती हैं।
पुलिस की सख्त चेतावनी
बिलासपुर पुलिस ने सार्वजनिक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि धार्मिक आस्था, परंपरा एवं सांस्कृतिक प्रतीकों का इस्तेमाल प्रचार-प्रसार या मनोरंजन के नाम पर इस प्रकार नहीं किया जाए जिससे किसी समुदाय की भावनाएँ आहत हों या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़े।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर लाइक, व्यूज़ या फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए धार्मिक प्रतीकों का आपत्तिजनक प्रदर्शन करने, अशोभनीय सामग्री फैलाने या हथियारनुमा वस्तुएँ दिखाने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया निगरानी पर ज़ोर
बिलासपुर पुलिस ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री पर लगातार नज़र रख रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें और बिना सत्यापन किसी भी आपत्तिजनक सामग्री को आगे प्रसारित न करें।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब नवरात्रि के दौरान धार्मिक आयोजनों को लेकर प्रशासन और पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। आने वाले दिनों में आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में अभियोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।