नालंदा में बर्थडे पार्टी में नर्तकी से सामूहिक दुष्कर्म, पुलिस ने चार आरोपी दबोचे
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के नालंदा जिले के लहेरी थाना क्षेत्र के शिवपुरी मोहल्ले में 31 अक्टूबर 2026 की रात एक बर्थडे पार्टी में बुलाई गई एक नर्तकी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शेष अभियुक्तों की तलाश में छापेमारी जारी है।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
पुलिस के अनुसार, शिवपुरी मोहल्ले में आयोजित बर्थडे पार्टी में कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए एक दलाल के माध्यम से तय किराये पर एक युवती को नर्तकी के रूप में बुलाया गया था। पार्टी में कुल आठ लोग मौजूद थे।
पीड़िता के बयान के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान पार्टी में शामिल दो युवकों ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पुलिस के मुताबिक, उस दौरान वहाँ मौजूद अन्य लोगों ने भी आरोपियों का सहयोग किया।
पुलिस को सूचना और तत्काल कार्रवाई
1 नवंबर 2026 को सुबह करीब सात बजे लहेरी थाना पुलिस को घटना की सूचना मिली। सूचना पाते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की।
पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत अनुसंधान शुरू किया।
गिरफ्तारी और आगे की छापेमारी
पुलिस ने अनुसंधान के दौरान इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शेष अभियुक्तों की संलिप्तता की जाँच की जा रही है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
गौरतलब है कि बिहार में इस प्रकार की घटनाएँ सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर गंभीर चिंता का विषय बन रही हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर दबाव पहले से बना हुआ है।
आम जनता और पीड़िता पर असर
पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है। पुलिस का कहना है कि उसे चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई है और उसके बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश है। नालंदा जिले के सामाजिक संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की माँग की है।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई अनुसंधान के निष्कर्षों पर आधारित होगी। सभी आठ संदिग्धों की भूमिका की जाँच की जा रही है। लहेरी थाना पुलिस ने कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की जाँच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।