क्या गौरव गोगोई के पाकिस्तान से संबंधों की एसआईटी रिपोर्ट 8 फरवरी को जारी होगी?
सारांश
Key Takeaways
- गौरव गोगोई पर पाकिस्तान से संबंधों का आरोप
- एसआईटी रिपोर्ट 8 फरवरी को आएगी
- राजनीतिक टकराव बढ़ा रहा है
- भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप
- सरकार पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्ध है
गुवाहाटी, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गोगोई के पाकिस्तान से संबंधों के आरोपों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट 8 फरवरी को सुबह 10:30 बजे सार्वजनिक की जाएगी।
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि यह निर्णय राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया, और सरकार इस मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि गौरव गोगोई से संबंधित एसआईटी रिपोर्ट समय पर जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने हाल के हफ्तों में बार-बार गोगोई को पाकिस्तान से जोड़ने के आरोप लगाए हैं, जिससे असम में सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक टकराव उत्पन्न हो गई है।
सरमा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता के कुछ बयान और कार्य गंभीर प्रश्न उठाते हैं, जिनका सार्वजनिक रूप से जांच होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार जांच प्रक्रिया में कोई भी जानकारी छिपाने का इरादा नहीं रखती।
यह विवाद तब और बढ़ा जब सरमा ने कहा कि गोगोई के राजनीतिक विचार और टिप्पणियां पाकिस्तान-केंद्रित मानसिकता को दर्शाती हैं।
गौरव गोगोई ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें राजनीतिक प्रेरित और शासन संबंधी मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास बताया है।
कांग्रेस ने भाजपा पर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने और महत्वपूर्ण राजनीतिक मुकाबलों से पहले एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। असम सरकार ने आरोपों और संबंधित पहलुओं की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है, जिसे विभिन्न राजनीतिक हलकों से समर्थन और आलोचना दोनों मिली हैं।
भाजपा का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक जवाबदेही के हित में जांच आवश्यक है, जबकि कांग्रेस ने इसके समय और उद्देश्य पर सवाल उठाए हैं।
कैबिनेट के फैसले की घोषणा करते हुए सरमा ने कहा कि एसआईटी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से लोगों को तथ्यों का स्वयं आकलन करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों के सामने सभी प्रासंगिक जानकारी रखने में विश्वास करती है और दोहराया कि 8 फरवरी को रिपोर्ट जारी होने के बाद अंततः सच्चाई की ही जीत होगी।