गौतमबुद्धनगर में 23 अक्टूबर को विशेष आकस्मिक अवकाश, मेरठ खंड शिक्षक-स्नातक मतदाता करेंगे वोट
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर जिले में 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले मेरठ खंड स्नातक एवं मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के मद्देनजर जिला प्रशासन ने पात्र कर्मचारी-मतदाताओं के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मेधा रूपम द्वारा जारी इस आदेश का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के बोनाफाइड पंजीकृत मतदाता हैं।
अवकाश की पात्रता और शर्तें
प्रशासन के आदेश के अनुसार, वे कर्मचारी जो विश्वविद्यालय स्नातक हैं और मेरठ खंड स्नातक अथवा मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के पंजीकृत मतदाता हैं, वे 23 अक्टूबर को इस विशेष अवकाश का उपयोग कर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। यह सुविधा केवल पात्र बोनाफाइड मतदाताओं तक सीमित है।
यह निर्णय उत्तर प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन अनुभाग द्वारा 13 अक्टूबर को जारी निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। भारत निर्वाचन आयोग और भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के दिशा-निर्देशों के आधार पर राज्यपाल की स्वीकृति के उपरांत यह अवकाश स्वीकृत हुआ है।
उत्तर प्रदेश में 11 विधान परिषद सीटों पर मतदान
उत्तर प्रदेश में 23 अक्टूबर को शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 11 विधान परिषद सीटों के लिए मतदान होना है। यह चुनाव विधान परिषद की उन सीटों के लिए है जहाँ मतदाता आम जनता नहीं, बल्कि स्नातक एवं शिक्षक वर्ग से पंजीकृत व्यक्ति होते हैं। इस विशेष मतदाता आधार को देखते हुए उनकी कार्यस्थल पर उपस्थिति सुनिश्चित रहने से मतदान में बाधा न आए, इसीलिए यह अवकाश दिया गया है।
BJP का दावा, सभी 11 सीटें जीतेंगे
राजनीतिक दलों ने भी इन चुनावों के लिए अपनी तैयारियाँ तेज कर दी हैं। हाल ही में मुरादाबाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष एवं मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने दावा किया कि BJP शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सभी 11 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी शिक्षा और युवाओं के मुद्दों को लेकर मतदाताओं तक पहुँच रही है और उसे व्यापक समर्थन मिलने की उम्मीद है।
मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर ज़ोर
गौरतलब है कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में ऐतिहासिक रूप से मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन दोनों मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दे रहे हैं। विशेष आकस्मिक अवकाश की यह व्यवस्था उसी दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम है, ताकि पात्र मतदाता बिना किसी कार्यालयीन बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
प्रशासन ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। 23 अक्टूबर के मतदान के परिणाम उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शक्ति संतुलन पर सीधा असर डाल सकते हैं।