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क्या ग्रेटर नोएडा के डेल्टा वन में दूषित जलापूर्ति की समस्या का समाधान हुआ?

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क्या ग्रेटर नोएडा के डेल्टा वन में दूषित जलापूर्ति की समस्या का समाधान हुआ?

सारांश

ग्रेटर नोएडा के डेल्टा वन में दूषित जलापूर्ति की समस्या का समाधान करने के लिए एसीईओ ने निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय निवासियों की समस्याएं सुनी और जल विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। जानें, क्या अब जलापूर्ति की स्थिति सही हो गई है।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा में जलापूर्ति की समस्या का समाधान किया गया है।
एसीईओ ने स्थानीय निवासियों की समस्याएं सुनीं।
जल विभाग ने त्वरित कार्रवाई की और पाइपलाइन की खामियों को सुधार दिया।
निवासियों को स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
जल की गुणवत्ता की नियमित जांच होगी।

ग्रेटर नोएडा, ८ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा वन में दूषित जलापूर्ति की प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सुनील कुमार सिंह ने बुधवार को स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। इस मौके पर उनके साथ प्राधिकरण के जल विभाग की टीम भी उपस्थित रही।

एसीईओ ने न केवल जलापूर्ति व्यवस्था की तकनीकी जांच करवाई, बल्कि सेक्टर के निवासियों और शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। निरीक्षण के दौरान स्थानीय निवासियों ने एसीईओ को बताया कि वर्तमान में उन्हें स्वच्छ और साफ पानी की आपूर्ति हो रही है। पहले जिन घरों में दूषित पानी की समस्या थी, वहां अब स्थिति सामान्य हो चुकी है। सेक्टर की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के पदाधिकारियों से भी एसीईओ ने मुलाकात की।

आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने जलापूर्ति को लेकर संतोष व्यक्त किया और बताया कि प्राधिकरण द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से समस्या का समाधान हो गया है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद जल विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दो स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज और कनेक्शन से जुड़ी तकनीकी खामियां पाई गई थीं, जिन्हें बुधवार को ही सुधार दिया गया। इसके साथ ही, शिकायतकर्ताओं के घरों से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं, ताकि पानी की गुणवत्ता को वैज्ञानिक रूप से भी परखा जा सके।

जल विभाग ने निवासियों से एक बार फिर अपील की है कि यदि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कहीं भी दूषित जलापूर्ति की शिकायत हो तो वे तुरंत वरिष्ठ प्रबंधक जल के मोबाइल नंबर 9205691408 या प्रबंधक जल के मोबाइल नंबर 8937024017 पर सूचना दें। प्राधिकरण की टीम शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंचकर समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेगी।

वहीं, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार ने पूरे शहर में जल गुणवत्ता को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के सभी सेक्टरों और क्षेत्रों से पानी की रैंडम जांच कराने के आदेश दिए हैं। जिन क्षेत्रों में प्राधिकरण द्वारा सीधे जलापूर्ति की जाती है, वहां पानी की जांच स्वयं प्राधिकरण कराएगा, जबकि बिल्डर सोसाइटियों और आवासीय समितियों में जल गुणवत्ता की जांच संबंधित प्रबंधन समिति या एओए को करानी होगी, जिसकी रिपोर्ट जल विभाग में जमा कराना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा औद्योगिक, व्यावसायिक, आईटी और संस्थागत क्षेत्रों में भी पानी की गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि शहरवासियों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा के डेल्टा वन में जलापूर्ति की समस्या क्या थी?
ग्रेटर नोएडा के डेल्टा वन में निवासियों ने दूषित जलापूर्ति की शिकायत की थी, जिससे उन्हें स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा था।
एसीईओ ने इस समस्या का समाधान कैसे किया?
एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और जल विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई की।
क्या अब निवासियों को स्वच्छ पानी मिल रहा है?
हाँ, स्थानीय निवासियों ने बताया कि अब उन्हें स्वच्छ और साफ पानी की आपूर्ति हो रही है।
जल विभाग से संपर्क कैसे करें यदि समस्या हो?
निवासी जल विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक जल के मोबाइल नंबर 9205691408 या प्रबंधक जल के मोबाइल नंबर 8937024017 पर संपर्क कर सकते हैं।
क्या जल की गुणवत्ता की जांच होगी?
जी हाँ, प्राधिकरण ने सभी क्षेत्रों में जल की गुणवत्ता की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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