यमुना एक्सप्रेस-वे पर चलती महिंद्रा थार में भीषण आग, सभी यात्री सुरक्षित बचे

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यमुना एक्सप्रेस-वे पर चलती महिंद्रा थार में भीषण आग, सभी यात्री सुरक्षित बचे

सारांश

ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर 13 मई को चलती महिंद्रा थार में भीषण आग लग गई। चालक की सतर्कता से सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकले, लेकिन गाड़ी पूरी तरह जलकर राख हो गई। दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने आग पर काबू पाया; शॉर्ट सर्किट प्राथमिक कारण माना जा रहा है।

मुख्य बातें

यमुना एक्सप्रेस-वे पर 13 मई को चलती महिंद्रा थार में भीषण आग लगी।
वाहन गाजियाबाद से आगरा जा रहा था; धुआं देखते ही चालक ने गाड़ी किनारे रोकी।
सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकले, कोई जनहानि नहीं ।
दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने मौके पर पहुँचकर आग पर काबू पाया।
प्राथमिक जाँच में शॉर्ट सर्किट को आग का संभावित कारण माना जा रहा है।
घटना के चलते कुछ समय के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे पर यातायात प्रभावित रहा।

यमुना एक्सप्रेस-वे पर 13 मई को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब ग्रेटर नोएडा के पास तेज रफ्तार से दौड़ रही एक महिंद्रा थार में अचानक भीषण आग भड़क उठी। चालक की सूझबूझ से सभी यात्री समय रहते वाहन से बाहर निकल आए और कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि गाड़ी पूरी तरह जलकर राख हो गई।

घटनाक्रम: कैसे लगी आग

जानकारी के अनुसार, महिंद्रा थार में सवार लोग गाजियाबाद से आगरा की ओर जा रहे थे। यात्रा के दौरान वाहन से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए चालक ने तत्काल गाड़ी को सड़क के किनारे रोका और सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया।

आग इतनी भीषण थी कि दूर से ही धुएं का गुबार साफ दिखाई दे रहा था। यमुना एक्सप्रेस-वे पर उस समय मौजूद अन्य वाहन चालकों में भी दहशत का माहौल बन गया।

दमकल विभाग की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक महिंद्रा थार पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। प्राथमिक जाँच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि दमकल विभाग और संबंधित अधिकारी पूरे मामले की विस्तृत जाँच में जुटे हुए हैं।

यातायात पर असर

इस हादसे के चलते कुछ समय के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे पर यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय पुलिस और एक्सप्रेस-वे सुरक्षा टीम ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और यातायात को सुचारु कराया। गौरतलब है कि यमुना एक्सप्रेस-वे पर वाहनों में आग लगने की यह कोई पहली घटना नहीं है — इस मार्ग पर उच्च गति पर चलने वाले वाहनों में तकनीकी खराबी से आग लगने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।

विशेषज्ञ और अधिकारियों की सलाह

अधिकारियों ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि लंबी यात्रा पर निकलने से पहले अपने वाहनों की तकनीकी जाँच अवश्य करानी चाहिए, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब देश में गर्मी के मौसम में वाहनों में आग लगने की घटनाएँ बढ़ रही हैं और विशेषज्ञ नियमित वाहन रखरखाव पर जोर दे रहे हैं।

राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और चालक की सतर्कता ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी लंबी दूरी की यात्राओं से पहले वाहन फिटनेस सत्यापन की कोई बाध्यकारी प्रणाली नहीं है। इस बार चालक की सूझबूझ ने एक बड़ी त्रासदी टाल दी, लेकिन अगली बार यह सौभाग्य नहीं मिल सकता। एक्सप्रेस-वे प्राधिकरणों को यात्रा-पूर्व वाहन जाँच और आपातकालीन प्रतिक्रिया समय दोनों पर गंभीरता से ध्यान देना होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमुना एक्सप्रेस-वे पर महिंद्रा थार में आग कैसे लगी?
प्राथमिक जाँच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। वाहन गाजियाबाद से आगरा जा रहा था जब यात्रा के दौरान अचानक धुआं निकलने लगा और फिर आग भड़क उठी।
क्या महिंद्रा थार में सवार लोग सुरक्षित हैं?
हाँ, सभी यात्री सुरक्षित हैं। चालक ने धुआं देखते ही तुरंत गाड़ी सड़क किनारे रोकी और सभी लोग समय रहते बाहर निकल आए। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
आग बुझाने में कितना समय लगा और कौन पहुँचा?
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, हालांकि तब तक वाहन पूरी तरह जलकर राख हो चुका था।
इस घटना से यमुना एक्सप्रेस-वे पर यातायात कितना प्रभावित हुआ?
घटना के चलते कुछ समय के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे पर यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय पुलिस और एक्सप्रेस-वे सुरक्षा टीम ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात सुचारु कराया।
वाहन चालक ऐसी घटनाओं से कैसे बच सकते हैं?
अधिकारियों ने सलाह दी है कि लंबी यात्रा पर निकलने से पहले वाहन की पूरी तकनीकी जाँच अवश्य करानी चाहिए। विशेषकर गर्मी के मौसम में वाहन के विद्युत तंत्र और इंजन की जाँच जरूरी है।
राष्ट्र प्रेस