मोदी के 25 साल: गुजरात मॉडल से 'विकसित भारत 2047' तक, BJP नेता अशोक बाजपेयी ने गिनाईं उपलब्धियाँ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता डॉ. अशोक बाजपेयी ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षीय सार्वजनिक जीवन की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये ढाई दशक समाज सेवा के 'बेमिसाल वर्ष' रहे हैं और मोदी ने गुजरात से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक विकास का एक सुसंगत खाका प्रस्तुत किया है।
गुजरात से राष्ट्रीय मंच तक का सफर
बाजपेयी ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 12 वर्षों तक काम करते हुए जो विकास-केंद्रित प्रशासनिक मॉडल तैयार किया था, उसी को उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का प्रयास किया। उनके अनुसार, यह 'गुजरात मॉडल' केवल बुनियादी ढाँचे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें राष्ट्र चेतना और सांस्कृतिक चेतना के आयाम भी जोड़े गए।
बाजपेयी ने यह भी कहा कि सनातन संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में भी मोदी सरकार के प्रयास रहे हैं। उनके दावों को विपक्षी दलों ने अब तक सीधे चुनौती नहीं दी है, हालाँकि कई विश्लेषक सांस्कृतिक नीतियों की व्यापकता पर अलग-अलग राय रखते हैं।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य
बाजपेयी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में दुनिया में स्थापित करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए आर्थिक, सामाजिक, सामरिक और कूटनीतिक — हर मोर्चे पर काम हो रहा है। उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के संकल्प को इस यात्रा की धुरी बताया।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत G20 की अध्यक्षता और वैश्विक दक्षिण में नेतृत्व की भूमिका के बाद अपनी कूटनीतिक साख को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उत्तर प्रदेश और विपक्षी एकजुटता पर BJP का जवाब
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) द्वारा समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव के उस संदेश का समर्थन किए जाने पर — जिसमें कथित तौर पर BJP को हराने की बात कही गई थी — बाजपेयी ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यों का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की बेहतर स्थिति के चलते देश और विदेश के उद्यमी वहाँ निवेश के लिए आगे आ रहे हैं और लाखों युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
बाजपेयी ने विपक्षी एकजुटता को BJP की ताकत का प्रमाण बताते हुए कहा कि विपक्ष अकेले दम पर BJP का मुकाबला करने में सक्षम नहीं है, इसीलिए वह गठबंधन की राह पर है।
राहुल गांधी के बयान पर BJP की तीखी प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध देशद्रोह के तहत कार्रवाई की माँग की थी। इस पर बाजपेयी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह टिप्पणी 'लोकतांत्रिक और मर्यादित राजनीति के अनुरूप नहीं' है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुखों के खिलाफ इस प्रकार के बयान देने से बचना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशों में देश के विरुद्ध टिप्पणियाँ करते हैं और देश के भीतर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं, जो विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी के अनुरूप नहीं है।
संसदीय मर्यादा पर BJP का आग्रह
बाजपेयी ने स्पष्ट कहा कि यदि विपक्ष को किसी मुद्दे पर आपत्ति है, तो उसे संसद में उठाकर चर्चा की जानी चाहिए। उनके अनुसार, संसद में चर्चा का रास्ता रोककर सड़क पर प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमज़ोर करता है। उन्होंने RSS को एक 'सामाजिक संगठन' बताते हुए उसके प्रमुख के विरुद्ध की जाने वाली टिप्पणियों को अनुचित करार दिया।
आने वाले समय में यह राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है, जैसे-जैसे विभिन्न राज्यों में चुनावी सरगर्मी बढ़ेगी।