7 अक्टूबर 2026
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मोदी के 25 साल: गुजरात मॉडल से 'विकसित भारत 2047' तक, BJP नेता अशोक बाजपेयी ने गिनाईं उपलब्धियाँ

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मोदी के 25 साल: गुजरात मॉडल से 'विकसित भारत 2047' तक, BJP नेता अशोक बाजपेयी ने गिनाईं उपलब्धियाँ

सारांश

BJP नेता अशोक बाजपेयी ने मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को 'बेमिसाल' बताया और गुजरात मॉडल को राष्ट्रीय विकास का आधार कहा। साथ ही राहुल गांधी के देशद्रोह-बयान को अलोकतांत्रिक करार देते हुए विपक्ष से संसदीय मर्यादा में रहने की माँग की।

मुख्य बातें

अशोक बाजपेयी ने 7 अक्टूबर 2026 को PM मोदी के 25 वर्षीय सार्वजनिक जीवन की सराहना करते हुए इसे 'समाज सेवा के बेमिसाल वर्ष' बताया।
मोदी ने गुजरात के CM के रूप में करीब 12 वर्षों में विकसित किए मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का प्रयास किया — बाजपेयी का दावा।
PM मोदी का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना; 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' इस यात्रा की बुनियाद।
DMK द्वारा अखिलेश यादव के BJP-विरोधी संदेश के समर्थन पर बाजपेयी ने यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार के निवेश और रोज़गार रिकॉर्ड का हवाला दिया।
राहुल गांधी के मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध देशद्रोह की माँग को बाजपेयी ने 'अलोकतांत्रिक' और 'मर्यादाहीन' बताया।
बाजपेयी ने विपक्ष से संसद में चर्चा का रास्ता अपनाने और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता डॉ. अशोक बाजपेयी ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षीय सार्वजनिक जीवन की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये ढाई दशक समाज सेवा के 'बेमिसाल वर्ष' रहे हैं और मोदी ने गुजरात से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक विकास का एक सुसंगत खाका प्रस्तुत किया है।

गुजरात से राष्ट्रीय मंच तक का सफर

बाजपेयी ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 12 वर्षों तक काम करते हुए जो विकास-केंद्रित प्रशासनिक मॉडल तैयार किया था, उसी को उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का प्रयास किया। उनके अनुसार, यह 'गुजरात मॉडल' केवल बुनियादी ढाँचे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें राष्ट्र चेतना और सांस्कृतिक चेतना के आयाम भी जोड़े गए।

बाजपेयी ने यह भी कहा कि सनातन संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में भी मोदी सरकार के प्रयास रहे हैं। उनके दावों को विपक्षी दलों ने अब तक सीधे चुनौती नहीं दी है, हालाँकि कई विश्लेषक सांस्कृतिक नीतियों की व्यापकता पर अलग-अलग राय रखते हैं।

विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

बाजपेयी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में दुनिया में स्थापित करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए आर्थिक, सामाजिक, सामरिक और कूटनीतिक — हर मोर्चे पर काम हो रहा है। उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के संकल्प को इस यात्रा की धुरी बताया।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत G20 की अध्यक्षता और वैश्विक दक्षिण में नेतृत्व की भूमिका के बाद अपनी कूटनीतिक साख को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उत्तर प्रदेश और विपक्षी एकजुटता पर BJP का जवाब

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) द्वारा समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव के उस संदेश का समर्थन किए जाने पर — जिसमें कथित तौर पर BJP को हराने की बात कही गई थी — बाजपेयी ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यों का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की बेहतर स्थिति के चलते देश और विदेश के उद्यमी वहाँ निवेश के लिए आगे आ रहे हैं और लाखों युवाओं को रोजगार मिल रहा है।

बाजपेयी ने विपक्षी एकजुटता को BJP की ताकत का प्रमाण बताते हुए कहा कि विपक्ष अकेले दम पर BJP का मुकाबला करने में सक्षम नहीं है, इसीलिए वह गठबंधन की राह पर है।

राहुल गांधी के बयान पर BJP की तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध देशद्रोह के तहत कार्रवाई की माँग की थी। इस पर बाजपेयी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह टिप्पणी 'लोकतांत्रिक और मर्यादित राजनीति के अनुरूप नहीं' है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुखों के खिलाफ इस प्रकार के बयान देने से बचना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशों में देश के विरुद्ध टिप्पणियाँ करते हैं और देश के भीतर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं, जो विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी के अनुरूप नहीं है।

संसदीय मर्यादा पर BJP का आग्रह

बाजपेयी ने स्पष्ट कहा कि यदि विपक्ष को किसी मुद्दे पर आपत्ति है, तो उसे संसद में उठाकर चर्चा की जानी चाहिए। उनके अनुसार, संसद में चर्चा का रास्ता रोककर सड़क पर प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमज़ोर करता है। उन्होंने RSS को एक 'सामाजिक संगठन' बताते हुए उसके प्रमुख के विरुद्ध की जाने वाली टिप्पणियों को अनुचित करार दिया।

आने वाले समय में यह राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है, जैसे-जैसे विभिन्न राज्यों में चुनावी सरगर्मी बढ़ेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP नेता अशोक बाजपेयी ने PM मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर क्या कहा?
बाजपेयी ने 7 अक्टूबर 2026 को कहा कि मोदी के 25 वर्षीय सार्वजनिक जीवन समाज सेवा के 'बेमिसाल वर्ष' हैं। उन्होंने गुजरात में करीब 12 साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल से शुरू होकर राष्ट्रीय विकास तक की यात्रा को सुसंगत और उद्देश्यपूर्ण बताया।
गुजरात मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर कैसे लागू किया गया — BJP का क्या दावा है?
बाजपेयी के अनुसार, PM मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते जो विकास-केंद्रित प्रशासनिक ढाँचा बनाया, उसे प्रधानमंत्री बनने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार दिया गया। इसमें केवल बुनियादी ढाँचा नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना और सांस्कृतिक पहचान को भी शामिल किया गया।
राहुल गांधी ने किन नेताओं पर देशद्रोह की माँग की और BJP ने क्या जवाब दिया?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध देशद्रोह के तहत कार्रवाई की माँग की थी। बाजपेयी ने इसे 'लोकतांत्रिक और मर्यादित राजनीति के अनुरूप नहीं' बताया और कहा कि विपक्ष को संसद में चर्चा का रास्ता अपनाना चाहिए।
विकसित भारत 2047 क्या है और BJP इसे कैसे परिभाषित करती है?
विकसित भारत 2047 भारत की स्वतंत्रता के 100वें वर्ष तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का सरकारी लक्ष्य है। बाजपेयी के अनुसार, इस लक्ष्य के लिए आर्थिक, सामाजिक, सामरिक और कूटनीतिक — सभी क्षेत्रों में एक साथ काम हो रहा है।
उत्तर प्रदेश में विपक्षी एकजुटता पर BJP का क्या रुख है?
बाजपेयी ने DMK द्वारा अखिलेश यादव के BJP-विरोधी संदेश का समर्थन किए जाने पर कहा कि विपक्ष इसलिए एकजुट हो रहा है क्योंकि वह अकेले BJP का मुकाबला नहीं कर सकता। उन्होंने योगी आदित्यनाथ की सरकार की कानून-व्यवस्था और निवेश-अनुकूल माहौल को UP की बेहतरी का प्रमाण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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