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गुजरात में पॉक्सो मामलों में पुलिस ने 100% सजा दिलाने में की ऐतिहासिक सफलता

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गुजरात में पॉक्सो मामलों में पुलिस ने 100% सजा दिलाने में की ऐतिहासिक सफलता

सारांश

गुजरात के आनंद जिले की पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत सभी सात मामलों में 100 फीसदी दोषसिद्धि हासिल की है। इस उपलब्धि पर उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने बधाई दी है।

मुख्य बातें

गुजरात पुलिस ने पॉक्सो मामलों में 100% दोषसिद्धि हासिल की।
सात दोषियों में से छह को उम्रकैद, एक को बीस साल की सजा।
तेज जांच और वैज्ञानिक सबूतों ने सफलता सुनिश्चित की।
राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की पुष्टि।
पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना।

आनंद/गांधीनगर, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के आनंद जिले की पुलिस ने मार्च से दिसंबर 2024 के बीच पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज सभी सात मामलों में 100 प्रतिशत दोषसिद्धि (कन्विक्शन) प्राप्त की है।

आनंद जिले में पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज सात मामलों में पुलिस ने 100 प्रतिशत दोषसिद्धि हासिल की है। शुक्रवार को आए दो अतिरिक्त फैसलों में अदालत ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

इन फैसलों के परिणामस्वरूप सात दोषियों में से छह को उम्रकैद और एक को बीस साल की सजा दी गई है। सभी मामलों में नाबालिगों के साथ यौन अपराध शामिल थे।

अधिकारियों ने बताया कि हर मामले में एफआईआर दर्ज होने के अधिकतम 45 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। इसके बाद अदालतों ने अधिकांश मामलों में आठ से नौ महीनों के भीतर फैसला सुनाया।

इन मामलों की जांच आनंद के एसपी जीजी जसानी के पर्यवेक्षण में की गई। जांच का नेतृत्व उस समय पेटलाद डिवीजन के सर्कल इंस्पेक्टर रहे डीआर चौधरी ने किया, जो वर्तमान में बोरसाद पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर के रूप में तैनात हैं।

पुलिस के अनुसार जांच टीम ने “टॉप टू बॉटम” दृष्टिकोण अपनाया और पारंपरिक जांच प्रक्रियाओं के साथ तकनीकी उपकरणों का भी इस्तेमाल किया। गवाहों के बयान और पंचनामे ई-साक्ष्य एप्लीकेशन के माध्यम से वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ दर्ज किए गए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सबूत सुरक्षित रहें।

इसके अलावा क्राइम सीन मैनेजर और फोरेंसिक साइंस लैब की मदद से जुटाए गए वैज्ञानिक व मेडिकल सबूतों ने भी दोषसिद्धि सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अधिकारियों का कहना है कि तेज जांच, समय पर चार्जशीट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के इस्तेमाल से सातों मामलों में 100 प्रतिशत सजा सुनिश्चित हो सकी।

इस उपलब्धि पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने पुलिस इंस्पेक्टर डीआर चौधरी और उनकी टीम को बधाई दी। डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी ने कहा, “गुजरात पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता से राज्य की बेटियों और उनके परिवारों में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत हुआ है।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराधों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाती है और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराधों के प्रति राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति कितनी सख्त है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पॉक्सो एक्ट क्या है?
पॉक्सो एक्ट, जिसका पूरा नाम 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट' है, बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया कानून है।
आनंद जिले में कितने मामलों में दोषसिद्धि हुई?
आनंद जिले में पॉक्सो एक्ट के तहत सात मामलों में 100 प्रतिशत दोषसिद्धि हासिल की गई है।
इन मामलों में सजा क्या दी गई?
इन मामलों में छे आरोपियों को उम्रकैद और एक को बीस साल की सजा दी गई है।
पुलिस ने जांच में क्या रणनीति अपनाई?
पुलिस ने 'टॉप टू बॉटम' दृष्टिकोण अपनाया और तकनीकी उपकरणों का भी इस्तेमाल किया।
राज्य सरकार की नीति बच्चों के खिलाफ अपराधों पर क्या है?
राज्य सरकार महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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