गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने PM मोदी से मुलाकात की, थराद की हस्तनिर्मित शॉल भेंट
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी ने मंगलवार, 25 अगस्त को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात में सहकारिता, प्रकृति और कृषि जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इसी दौरान गुजरात के अन्य मंत्रियों का भी दिल्ली दौरा जारी रहा।
मुलाकात का विवरण
चौधरी ने अपने इंस्टाग्राम पर इस भेंट की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उन्हें 'गांव, गरीब, युवा और किसान हितैषी' प्रधानमंत्री से 'आत्मीय भेंट का सौभाग्य प्राप्त हुआ।' उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री से इन विषयों पर 'बहुमूल्य मार्गदर्शन' मिला।
चौधरी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने वैश्विक दबावों के बीच भी दूध के आयात पर रोक लगाकर पशुपालकों के हितों की रक्षा की है।
गोबर-धन योजना का उल्लेख
बैठक में ₹23,000 करोड़ से अधिक की गोबर-धन योजना का विशेष उल्लेख किया गया। चौधरी ने कहा कि इस योजना के ज़रिये पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।
थराद की हस्तनिर्मित शॉल — सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
इस अवसर पर चौधरी ने प्रधानमंत्री को थराद के शिवनगर क्षेत्र की महिला कारीगरों द्वारा हाथों से बुनी गई एक विशेष शॉल भेंट की। यह शॉल पारंपरिक सूफ कढ़ाई का बेहतरीन नमूना है।
इस कढ़ाई की विशेषता यह है कि कपड़े पर पहले से कोई डिज़ाइन नहीं छापा जाता — कारीगर धागे गिनकर अपनी कुशलता से ज्यामितीय और पारंपरिक पैटर्न तैयार करती हैं। चौधरी ने कहा कि यह शॉल 'उनकी बहनों के हुनर और आत्मनिर्भरता की भावना का सुंदर प्रतीक है।'
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया और सांस्कृतिक महत्त्व
चौधरी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने शॉल को जिस आत्मीयता से स्वीकार किया, वह थराद की महिला कारीगरों के लिए गौरव का क्षण रहा। यह शॉल गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पीढ़ियों से चली आ रही बुनाई कला का जीवंत प्रमाण है। यह मुलाकात स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में एक सार्थक कदम मानी जा रही है।