25 अगस्त 2026
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गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने PM मोदी से मुलाकात की, थराद की हस्तनिर्मित शॉल भेंट

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गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने PM मोदी से मुलाकात की, थराद की हस्तनिर्मित शॉल भेंट

सारांश

गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी की PM मोदी से मुलाकात महज शिष्टाचार नहीं थी — थराद की महिला कारीगरों की सूफ कढ़ाई वाली शॉल ने स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय मंच पर पहुँचाया। सहकारिता, कृषि और ₹23,000 करोड़ की गोबर-धन योजना पर भी चर्चा हुई।

मुख्य बातें

गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी ने 25 अगस्त को नई दिल्ली में PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
बैठक में सहकारिता, प्रकृति और कृषि जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
₹23,000 करोड़ से अधिक की गोबर-धन योजना का विशेष उल्लेख किया गया, जो पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए है।
चौधरी ने PM को थराद, शिवनगर की महिला कारीगरों द्वारा हाथ से बुनी सूफ कढ़ाई की शॉल भेंट की।
यह शॉल गुजरात की पारंपरिक बुनाई कला का प्रतीक है जिसमें कपड़े पर पहले से कोई डिज़ाइन नहीं छापा जाता।

गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी ने मंगलवार, 25 अगस्त को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात में सहकारिता, प्रकृति और कृषि जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इसी दौरान गुजरात के अन्य मंत्रियों का भी दिल्ली दौरा जारी रहा।

मुलाकात का विवरण

चौधरी ने अपने इंस्टाग्राम पर इस भेंट की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उन्हें 'गांव, गरीब, युवा और किसान हितैषी' प्रधानमंत्री से 'आत्मीय भेंट का सौभाग्य प्राप्त हुआ।' उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री से इन विषयों पर 'बहुमूल्य मार्गदर्शन' मिला।

चौधरी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने वैश्विक दबावों के बीच भी दूध के आयात पर रोक लगाकर पशुपालकों के हितों की रक्षा की है।

गोबर-धन योजना का उल्लेख

बैठक में ₹23,000 करोड़ से अधिक की गोबर-धन योजना का विशेष उल्लेख किया गया। चौधरी ने कहा कि इस योजना के ज़रिये पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।

थराद की हस्तनिर्मित शॉल — सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

इस अवसर पर चौधरी ने प्रधानमंत्री को थराद के शिवनगर क्षेत्र की महिला कारीगरों द्वारा हाथों से बुनी गई एक विशेष शॉल भेंट की। यह शॉल पारंपरिक सूफ कढ़ाई का बेहतरीन नमूना है।

इस कढ़ाई की विशेषता यह है कि कपड़े पर पहले से कोई डिज़ाइन नहीं छापा जाता — कारीगर धागे गिनकर अपनी कुशलता से ज्यामितीय और पारंपरिक पैटर्न तैयार करती हैं। चौधरी ने कहा कि यह शॉल 'उनकी बहनों के हुनर और आत्मनिर्भरता की भावना का सुंदर प्रतीक है।'

प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया और सांस्कृतिक महत्त्व

चौधरी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने शॉल को जिस आत्मीयता से स्वीकार किया, वह थराद की महिला कारीगरों के लिए गौरव का क्षण रहा। यह शॉल गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पीढ़ियों से चली आ रही बुनाई कला का जीवंत प्रमाण है। यह मुलाकात स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में एक सार्थक कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

₹23,000 करोड़ की गोबर-धन योजना का उल्लेख सुर्खियों में बना रहता है, जबकि ज़मीन पर इसके क्रियान्वयन की गति और लाभार्थियों की वास्तविक संख्या पर स्वतंत्र आकलन उपलब्ध नहीं है। दूध आयात पर रोक जैसे कदमों को जहाँ पशुपालकों की जीत बताया जा रहा है, वहीं डेयरी उद्योग के दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मकता पर इसके असर का व्यापक विश्लेषण अभी बाकी है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शंकर चौधरी ने PM मोदी से कब और कहाँ मुलाकात की?
गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी ने 25 अगस्त को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान गुजरात के अन्य मंत्री भी दिल्ली दौरे पर थे।
थराद की सूफ कढ़ाई वाली शॉल क्या है और यह खास क्यों है?
यह शॉल गुजरात के थराद, शिवनगर क्षेत्र की महिला कारीगरों द्वारा हाथ से बुनी गई है और पारंपरिक सूफ कढ़ाई का नमूना है। इसकी विशेषता यह है कि कपड़े पर पहले से कोई डिज़ाइन नहीं छापा जाता — कारीगर धागे गिनकर ज्यामितीय और पारंपरिक पैटर्न तैयार करती हैं।
गोबर-धन योजना क्या है और इसका बजट कितना है?
गोबर-धन योजना केंद्र सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना का आवंटन ₹23,000 करोड़ से अधिक बताया गया है। बैठक में चौधरी ने इसे पशुपालकों के हित में ऐतिहासिक कदम बताया।
बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई?
चौधरी के अनुसार, बैठक में सहकारिता, प्रकृति और कृषि जैसे अहम विषयों पर चर्चा हुई। दूध आयात पर रोक और पशुपालकों के हितों की रक्षा का भी उल्लेख किया गया।
शंकर चौधरी ने इस मुलाकात की जानकारी कहाँ साझा की?
चौधरी ने इस मुलाकात की जानकारी अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के ज़रिये साझा की, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री से मिले मार्गदर्शन और शॉल भेंट का विवरण दिया।
राष्ट्र प्रेस
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